भारतीय रेलवे अब अपने बड़े स्टेशनों को आधुनिक तकनीक से लैस करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। इसी योजना के तहत जल्द ही देश के कुछ प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर इंसानों जैसे दिखने वाले ह्यूमनॉइड रोबोट तैनात किए जा सकते हैं। इन रोबोट्स का काम सिर्फ जानकारी देना ही नहीं होगा, बल्कि ये यात्रियों की मदद करने, उन्हें सही दिशा बताने और स्टेशन की सुरक्षा पर नजर रखने का काम भी करेंगे।
अक्सर देखा जाता है कि स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को यह समझने में दिक्कत होती है कि उनकी ट्रेन किस प्लेटफॉर्म पर आएगी या स्टेशन के अंदर कौन-सा रास्ता किस तरफ जाता है। ऐसी स्थिति में ये रोबोट यात्रियों की मदद करेंगे। अगर किसी यात्री को ट्रेन का समय, प्लेटफॉर्म नंबर या स्टेशन के किसी हिस्से की जानकारी चाहिए होगी, तो वह सीधे रोबोट से पूछ सकेगा।
सबसे अच्छी बात यह है कि ये रोबोट कई भाषाओं में बातचीत कर सकेंगे। इससे अलग-अलग राज्यों से आने वाले यात्रियों को भी जानकारी समझने में आसानी होगी।
कई बड़े रेलवे स्टेशनों पर पहली बार आने वाले लोग अक्सर कन्फ्यूज हो जाते हैं कि टिकट काउंटर कहां है, वेटिंग रूम किधर है या बाहर निकलने का रास्ता कौन-सा है।
ऐसे में रोबोट यात्रियों को सही दिशा दिखाने का काम भी करेंगे। अगर किसी यात्री को स्टेशन के अंदर किसी जगह तक पहुंचना होगा, तो रोबोट उसे रास्ता समझा देगा। इससे यात्रियों का समय भी बचेगा और उन्हें बार-बार किसी से पूछने की जरूरत भी नहीं पड़ेगी।
भारत के कई बड़े रेलवे स्टेशनों पर त्योहारों और छुट्टियों के समय काफी भीड़ हो जाती है। ऐसे समय में व्यवस्था बनाए रखना रेलवे के लिए मुश्किल हो जाता है।
इसी वजह से इन रोबोट्स को इस तरह तैयार किया जा रहा है कि वे भीड़ वाले इलाकों पर नजर रख सकें। अगर किसी जगह ज्यादा भीड़ हो जाए तो रोबोट यात्रियों को सावधान कर सकते हैं और उन्हें दूसरी दिशा में जाने की सलाह भी दे सकते हैं।
इन रोबोट्स का एक और अहम काम स्टेशन की सुरक्षा को मजबूत करना होगा। रोबोट स्टेशन के अलग-अलग हिस्सों पर नजर रखेंगे और अगर उन्हें कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई देती है, तो वे तुरंत सुरक्षा टीम को अलर्ट भेज सकते हैं। इससे सुरक्षा एजेंसियों को जल्दी जानकारी मिल जाएगी और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई की जा सकेगी।
रेलवे की योजना है कि सबसे पहले देश के कुछ बड़े और व्यस्त रेलवे स्टेशनों पर इस नई तकनीक की शुरुआत की जाए। फिलहाल NSG ग्रेड-1 के तहत करीब 20 रेलवे स्टेशनों को चुना गया है।
इन स्टेशनों पर रोज बड़ी संख्या में यात्री आते हैं। इसलिए यहां इस तकनीक को लागू करने से यात्रियों को तुरंत फायदा मिल सकता है।
अगर यह प्रयोग सफल रहता है तो आने वाले समय में देश के अन्य बड़े रेलवे स्टेशनों पर भी ऐसे रोबोट तैनात किए जा सकते हैं। इससे रेलवे स्टेशन और ज्यादा स्मार्ट और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बन सकते हैं।