दुबई। टी20 विश्व कप फाइनल के दौरान भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर आईसीसी आचार संहिता के लेवल-1 के उल्लंघन का मामला सामने आया है। इस घटना के लिए उनकी मैच फीस का 15 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया है। इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) ने मंगलवार को इसकी जानकारी देते हुए बताया कि खिलाड़ी के आचरण को नियमों के खिलाफ पाया गया, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई।
ICC के बयान के मुताबिक, अर्शदीप सिंह को खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ के लिए निर्धारित आचार संहिता के अनुच्छेद 2.9 का दोषी पाया गया। यह नियम किसी खिलाड़ी द्वारा मैच के दौरान गेंद या किसी अन्य क्रिकेट उपकरण को किसी खिलाड़ी की दिशा में अनुचित या खतरनाक तरीके से फेंकने से संबंधित है। इस उल्लंघन के चलते अर्शदीप के अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट अंक भी जोड़ दिया गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनकी पहली गलती मानी गई है।
यह घटना टी20 विश्व कप फाइनल के दौरान उस समय हुई जब अर्शदीप ने अपने ही ओवर में न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल के शॉट को रोक लिया। जब उन्होंने गेंद पकड़ी, तब मिचेल रन लेने के लिए क्रीज से दो कदम आगे बढ़ चुके थे। ऐसे में अर्शदीप ने गेंद विकेट की ओर फेंकी, लेकिन उसी दौरान गेंद मिचेल के पैड पर जा लगी। गेंद लगने के तुरंत बाद अर्शदीप ने मैदान पर ही मिचेल से माफी मांग ली थी। मैच खत्म होने के बाद भी उन्होंने दोबारा मिचेल से मिलकर कहा कि गेंद गलती से लगी थी।
इस मामले में फील्ड अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स वार्फ, थर्ड अंपायर अल्लाहुद्दीन पालेकर और फोर्थ अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक ने अर्शदीप पर आचार संहिता के उल्लंघन का आरोप लगाया था। इसके बाद मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट द्वारा प्रस्तावित सजा को अर्शदीप ने स्वीकार कर लिया, जिसके कारण आधिकारिक सुनवाई की आवश्यकता नहीं पड़ी। ICC के नियमों के अनुसार लेवल-1 उल्लंघन के लिए न्यूनतम दंड आधिकारिक फटकार होता है, जबकि अधिकतम दंड मैच फीस का 50 प्रतिशत जुर्माना और एक या दो डिमेरिट अंक हो सकता है। यदि कोई खिलाड़ी 24 महीनों के भीतर चार या उससे अधिक डिमेरिट अंक हासिल कर लेता है, तो उन्हें निलंबन अंकों में बदल दिया जाता है, जिसके बाद खिलाड़ी पर मैचों का प्रतिबंध भी लगाया जा सकता है।