दंडवत प्रणाम से आंदोलन का शंखनाद! राजबाड़ा पर शिक्षकों ने TET-OPS को लेकर खोला मोर्चा

इंदौर। शहर के ऐतिहासिक राजबाड़ा पर रविवार को शिक्षक अधिकार संघ ने अपने आंदोलन की शुरुआत अनोखे अंदाज में की। शिक्षकों ने मां अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दंडवत प्रणाम किया और TET से मुक्ति, वरिष्ठता बहाली तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने सहित शिक्षक हितों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर संघर्ष का संकल्प लिया।संघ के प्रदेश अध्यक्ष भारत भार्गव के नेतृत्व में हुए इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षक हितैषी शामिल हुए। संघ ने स्पष्ट किया कि मांगों का समाधान होने तक आंदोलन को अलग-अलग चरणों में आगे बढ़ाया जाएगा।
मां अहिल्या को प्रणाम कर आंदोलन का आगाज
शिक्षक अधिकार संघ ने आंदोलन की शुरुआत के लिए राजबाड़ा को चुना। यहां शिक्षकों ने मां अहिल्या की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया और दंडवत प्रणाम कर अपने संघर्ष का शंखनाद किया।इस दौरान शिक्षकों ने सरकारी शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर अपनी चिंता जाहिर की। संघ का कहना है कि सरकारी स्कूलों और उनमें कार्यरत शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए अब संगठित होकर आवाज उठाना जरूरी हो गया है।
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TET से मुक्ति और वरिष्ठता बहाली की मांग
प्रदेश अध्यक्ष भारत भार्गव ने कहा कि शिक्षकों की प्रमुख मांगों में TET से मुक्ति, वरिष्ठता की बहाली और OPS को पुनः लागू करना शामिल है। उनका कहना है कि इन मुद्दों को लेकर लंबे समय से शिक्षक अपनी आवाज उठा रहे हैं, लेकिन अब आंदोलन को निर्णायक दिशा देने का समय आ गया है।उन्होंने TET व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और इसे शिक्षकों के लिए कथित तौर पर शोषणकारी बताते हुए इससे राहत की मांग की। साथ ही उन्होंने उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन सुनिश्चित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया।
सरकारी स्कूलों के भविष्य पर जताई चिंता
भार्गव ने कहा कि मौजूदा समय में सरकारी शिक्षा व्यवस्था और सरकारी स्कूलों का भविष्य चुनौतीपूर्ण स्थिति में है। यदि समय रहते इन मुद्दों पर ध्यान नहीं दिया गया तो इसका असर शिक्षा व्यवस्था के साथ शिक्षकों और विद्यार्थियों पर भी पड़ सकता है।उन्होंने कहा कि शिक्षकों की समस्याओं और मांगों को केवल विभागीय स्तर तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इन्हें शासन और जनप्रतिनिधियों तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा।
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मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा संघर्ष
शिक्षक अधिकार संघ ने आंदोलन को लेकर अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा, जब तक शिक्षकों की न्यायोचित मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं होता।भारत भार्गव ने कहा कि शिक्षक संविधान सम्मत तरीके से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे। आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई है।
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विधायक-सांसदों से मिलकर रखेंगे अपनी बात
आंदोलन के अगले चरण में शिक्षक अधिकार संघ के पदाधिकारी विधायकों, सांसदों और विपक्ष के नेताओं से मुलाकात करेंगे। इन मुलाकातों के जरिए शिक्षकों की मांगों को शासन तक पहुंचाने और उनके समाधान के लिए दबाव बनाने की तैयारी है।संघ ने संकेत दिया है कि यदि बातचीत और ज्ञापन के बाद भी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकलता है तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।


















