तमिलनाडु में CM के लिए अलग लेन :केरलम में देश का पहला AI मंत्रालय, 3 राज्यों में नई सरकार के बाद बदली व्यवस्था
तीनों राज्यों के फैसलों में एक समान संदेश दिखता है कम वीआईपी कल्चर, ज्यादा जवाबदेही और जनता से सीधा जुड़ाव। नई सरकारें शुरुआती फैसलों के जरिए यह बताने की कोशिश कर रही हैं

चेन्नई/कोलकाता/तिरुवनंतपुरम। देश के तीन राज्यों तमिलनाडु, केरल और पश्चिम बंगाल में नई सरकारों ने सत्ता संभालने के साथ ही प्रशासनिक और राजनीतिक शैली बदलने के संकेत दिए हैं। वीआईपी कल्चर कम करने, सरकारी कामकाज को ज्यादा जवाबदेह बनाने और जनता तक आसान पहुंच देने जैसे फैसलों को नई सरकारों की प्राथमिकता माना जा रहा है।
तमिलनाडु : CM के लिए अलग लेन होगी
- तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय ने पद संभालने के शुरुआती दिनों में ही साफ संदेश देने की कोशिश की है कि सरकार आम लोगों को कम से कम असुविधा पहुंचाने के मॉडल पर काम करेगी।
- सीएम ने अपने काफिले के लिए ट्रैफिक न रोकने का आदेश दिया है। उनका काफिला अलग लेन से गुजरता है, लेकिन बाकी ट्रैफिक सामान्य रहता है। विजय रोज सचिवालय में पूरे दिन काम करते हैं और घर से टिफिन लेकर पहुंचते हैं, जिसे सादगी की छवि से जोड़कर देखा जा रहा है।
- सरकार ने महिला सुरक्षा के लिए ‘सिंगप्पेन फोर्स’ शुरू की है। हर थाने में 24 घंटे सीसीटीवी चालू रखने, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग और 21 साल से कम उम्र वालों को शराब बेचने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- इसके अलावा मंदिरों, स्कूलों और बस स्टैंड के 500 मीटर दायरे में आने वाली 717 शराब दुकानों को बंद करने का फैसला भी लिया गया है। सरकार ने एआई मंत्रालय बनाकर तकनीक आधारित प्रशासन पर भी जोर दिया है।
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केरलम- CM काफिले में सिर्फ 2 गाड़ी, लग्जरी रेनोवेशन पर रोक
- केरलम में यूडीएफ की वीडी सतीशन सरकार ने सत्ता में आते ही सरकारी कामकाज को ज्यादा खुला और जवाबदेह बनाने पर ध्यान दिया है।
- मुख्यमंत्री के काफिले में अब सिर्फ दो वाहन रखे गए हैं। मंत्रियों के सरकारी आवासों के लग्जरी रेनोवेशन पर रोक लगाई गई है और नई सरकार पिछली सरकार की लग्जरी गाड़ियों से दूरी बनाती दिख रही है।
- सरकार ने सचिवालय और मंत्रियों के आवासों तक आम लोगों की पहुंच आसान करने का फैसला किया है। मंत्रियों को दफ्तर और घर दोनों जगह लोगों से मिलने की व्यवस्था करनी होगी।
- इसके साथ ही विवादों में रहे सिल्वरलाइन सेमी हाईस्पीड रेल प्रोजेक्ट को रद्द कर दिया गया है। आशा वर्करों का मानदेय बढ़ाकर 12 हजार रुपए महीना किया गया है। कैबिनेट बैठकों के बाद साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग फिर शुरू करना भी पारदर्शिता बढ़ाने की कोशिश माना जा रहा है।
बंगाल : सरकारी कार्यवाही का लाइव टेलीकास्ट होगा
- पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने भी वीआईपी संस्कृति कम करने के संकेत दिए हैं। उन्होंने पुलिस को निर्देश दिया है कि उनके काफिले के लिए आम वाहनों को न रोका जाए और अनावश्यक एस्कॉर्ट घटाए जाएं।
- मंत्रियों और अधिकारियों को फील्ड विजिट के दौरान सड़कें खाली कराने से बचने की सलाह दी गई है। सरकार विधानसभा कार्यवाही का लाइव टेलीकास्ट शुरू करने जा रही है, जिसे पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
- साथ ही महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा और शिक्षण संस्थानों में वंदेमातरम् अनिवार्य करने जैसे फैसले सरकार के प्रशासनिक और वैचारिक एजेंडे दोनों को दिखाते हैं।
क्यों जरूरी हैं ये फैसले?
तीनों राज्यों के फैसलों में एक समान संदेश दिखता है कम वीआईपी कल्चर, ज्यादा जवाबदेही और जनता से सीधा जुड़ाव। नई सरकारें शुरुआती फैसलों के जरिए यह बताने की कोशिश कर रही हैं कि उनका प्रशासन पिछली सरकारों से अलग होगा। हालांकि, इन घोषणाओं की असली परीक्षा इनके लंबे समय तक जमीन पर असर और अमल से तय होगी।











