भोपाल:आखिरी सफर का सहारा बने पांडुरंग नामदेव, 50 साल में 4500 निराश्रितों का कराया अंतिम संस्कार
पांडुरंग नामदेव पिछले 50 सालों से 4500 से अधिक निराश्रितों के आखिरी सफर का सहारा बन रहे हैं उन्हें सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दे रहे हैं। उनकी यह अविश्वसनीय निस्वार्थ सेवा कैसे संभव हुई, जानने के लिए पढ़ें पूरी कहानी।
Sumit Shrivastava
20 Jun 2026


























