मोहन भागवत का बयान...दुनिया में युद्ध की जड़ स्वार्थ और वर्चस्व की चाह, शांति के लिए धर्म और अनुशासन जरूरी
मोहन भागवत ने कहा कि दुनिया में बढ़ते संघर्षों की असली वजह स्वार्थ और वर्चस्व की इच्छा है। उनका मानना है कि स्थायी शांति केवल एकता, अनुशासन और धर्म के पालन से ही संभव है।
Dr. Sumit Shrivastava
20 Mar 2026


























