मणिपुर हिंसा: 3 मैतेई लोगों की हत्या में तीन गिरफ्तार, 12 हथियार और विस्फोटक बरामद

इंफाल। मणिपुर में लगातार हो रही हिंसा ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सुनुरोक पहाड़ी के पास लकड़ी इकट्ठा करने गए मैतेई समुदाय के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी, जबकि तीन अन्य घायल हुए थे। पुलिस ने मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती पूछताछ में दो आरोपियों ने हमले में शामिल होने की बात स्वीकार की है। तलाशी के दौरान बड़ी संख्या में हथियार और विस्फोटक मिले हैं। घटना के विरोध में बंद के कारण कई इलाकों में सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सुनुरोक हमले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मणिपुर के इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर स्थित सुनुरोक पहाड़ी के पास 19 अक्टूबर को गोलीबारी हुई थी। जानकारी के मुताबिक, लकड़ी इकट्ठा करने गए लोगों के समूह पर हथियारबंद हमलावरों ने हमला किया। इसमें अरुबाम रोनिल, लैरेनलकपम इनाओबी और क्षेत्रिमायुम सुशील की मौत हो गई। तीन अन्य लोग घायल हुए थे।
12 हथियार और विस्फोटक बरामद
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक दोरजी लहातू के अनुसार, गिरफ्तार तीन आरोपियों में से दो ने शुरुआती पूछताछ में हमले में अपनी भूमिका स्वीकार की है। तीसरे आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस ने आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर 12 हथियार और 1,095 कारतूस बरामद किए। जब्त हथियारों में एके-47, एम16, इंसास और स्नाइपर राइफल शामिल हैं। इसके अलावा ग्रेनेड, देसी बम, डेटोनेटर और अन्य विस्फोटक सामग्री भी मिली है।
बंद से बाजार और परिवहन प्रभावित
हमले के विरोध में नेटिव पीपल्स कमेटी मणिपुर ने 48 घंटे के बंद का आह्वान किया है। घाटी के पांच जिलों में बाजार, शिक्षण संस्थान और कई व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद रहे। सार्वजनिक परिवहन सेवाओं पर भी असर पड़ा। हालांकि, जरूरी सेवाओं को छूट दी गई। प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के लिए न्याय और हमले के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
कुकी-जो संगठन ने भी उठाए सवाल
कमेटी ऑन ट्राइबल यूनिटी (COTU) ने कुकी-जो समुदाय के लोगों की सुरक्षा और कथित अंधाधुंध गिरफ्तारियों पर चिंता जताई है। संगठन ने निष्पक्ष जांच, जवाबदेही और प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की मांग की। उसने अपने बयान में हिंसा के दौरान समुदाय को हुए नुकसान का भी जिक्र किया। संगठन ने बंद को शांतिपूर्ण रखने की अपील करते हुए आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं को छूट देने की बात कही।
सोनभद्र में दशहरा मेले की खुशियां मातम में बदलीं! कार-टेंपो की टक्कर में 3 की मौत, 16 घायल
राज्य में शांति बहाल करना बड़ी चुनौती
मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने विपक्षी गठबंधन के नेताओं के साथ बैठक कर सुरक्षा हालात की समीक्षा की। विपक्षी नेताओं ने सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की। मणिपुर में मई 2023 से शुरू हुई जातीय हिंसा के कारण हजारों लोग अपने घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं।




















