Bijapur:पामेड़ की बेटियों की दर्दनाक पढ़ाई,15-20 किमी पैदल स्कूल पहुंच रहीं छात्राएं, हॉस्टल की मांग लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचीं
सीमावर्ती गांवों की छात्राओं की मजबूरी: लंबा और दुर्गम रास्ता बना पढ़ाई में सबसे बड़ी बाधा, कई बेटियों ने छोड़ा स्कूल।बीजापुर पामेड़ क्षेत्र की दो दर्जन से अधिक छात्राएं शुक्रवार को टैक्सी से बीजापुर पहुंचीं। छात्राओं ने कलेक्टर और जिला शिक्षा अधिकारी से मुलाकात कर अपनी समस्याएं बताईं। उन्होंने पामेड़ में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाली छात्राओं के लिए स्थायी छात्रावास बनाने की मांग रखी।
PREM
8 Aug 2026


























