शिवपुरी। नगर पालिका के कर्मचारी का निलंबन खत्म करके बहाल करवाने के बदले 20 हजार एडवांस में लेने के बाद बाकी 40 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे नगर पालिका शिवपुरी की स्थापना शाखा प्रभारी बाबू को लोकायुक्त ग्वालियर की टीम ने गिरफ्तार किया है। शनिवार का अवकाश होने से रिश्वतखोर बाबू कार्यालय के बजाय अपने घर के पास ही रिश्वत ले रहा था।
रिश्वत मांगने की शिकायत नगर पालिका शिवपुरी के सस्पेंड सहायक राजस्व निरीक्षक हरिवल्लभ चंदौरिया ने की थी। सहायक राजस्व निरीक्षक को मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कम राजस्व वसूली सहित अन्य कार्यों में लापरवाही बरतने पर नोटिस जारी किया गया और फिर सस्पेंड कर दिया गया था। इसके बाद निलंबन खत्म करके बहाली के लिए स्थापना शाखा प्रभारी लिपिक भगवानलाल करोसिया ने 60 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी, जिसमें से 20 हजार रुपए एडवांस ले भी लिए थे। बाकी 40 हजार रुपए की रिश्वत के लिए दबाव ड़ाल रहा था। रिश्वत नहीं देने पर बहाली नहीं होने की बात की थी।
रिश्वत मांगने की शिकायत का सत्यापन पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त ग्वालियर निरंजन शर्मा ने करवाया। इसमें शिकायत सही पाए जाने पर रिश्वतखोर बाबू को पकड़ने के लिए ट्रैप दल बनाया गया। ट्रैप दल में निरीक्षक बलराम राजावत, निरीक्षक श्रीमति अंजली शर्मा, निरीक्षक उपेंद्र दुबे, प्रधान आरक्षक देवेन्द्र पवैया, हेमन्त शर्मा, जसवंत शर्मा, मनोज कुशवाहा, बलवीर, आरक्षक राजीव तिवारी, अंकेश शर्मा और रवि सिंह को शामिल किया गया।
रिश्वत के आदान-प्रदान का तय होने के बाद लोकायुक्त ट्रैप दल ने शिवपुरी पहुंचकर स्थापना शाखा प्रभारी बाबू भगवान लाल बाबू की घेराबंदी कर ली। इसके बाद आवेदक सहायक राजस्व निरीक्षक हरिवल्लभ चंदौरिया से अपने घर के पास ही आरोपी ने जैसे ही रिश्वत ली, वैसे ही लोकायुक्त टीम ने पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी भगवान लाल करोसिया पिता बाबूलाल करोसिया, वर्तमान पदस्थापना- लिपिक (प्रभारी स्थापना शाखा) नगर पालिका परिषद, शिवपुरी एवं निवासी हरिजन बस्ती कोतवाली के पीछे शिवपुरी की गिरफ्तारी की। आरोपी के खिलाफ धारा 7, पीसी एक्ट 1988 ( संशोधित अधिनियम 2018) के अंतर्गत कार्यवाही की गई।
निलंबन और बहाली प्रक्रिया वाली फाइल से जुडेÞ कर्मचारियों अधिकारियों की भूमिका की जांच होगी। इसमें संलिप्त लोगों के खिलाफ जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
-निरंजन शर्मा, पुलिस अधीक्षक, लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर