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पूर्व केंद्रीय मंत्री सुरेश कलमाड़ी का निधन :81 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, एयरफोर्स में थे पायलट

पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का 81 वर्ष की आयु में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में भर्ती थे। कलमाड़ी दो बार लोकसभा सांसद, तीन बार राज्यसभा सांसद और भारतीय ओलंपिक संघ के अध्यक्ष रहे। उनका अंतिम संस्कार पुणे के वैकुंठ श्मशान में किया जाएगा।
81 साल की उम्र में ली अंतिम सांस, एयरफोर्स में थे पायलट
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पुणे। पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सुरेश कलमाड़ी का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे 81 वर्ष के थे। मंगलवार तड़के करीब सुबह 3:30 बजे उन्होंने पुणे के दीनानाथ मंगेशकर अस्पताल में अंतिम सांस ली। उनके निधन से कांग्रेस पार्टी, खेल जगत और राजनीतिक हलकों में शोक की लहर है। कलमाड़ी का जीवन राजनीति, खेल प्रशासन और सेना में उनके योगदान के लिए हमेशा याद रखा जाएगा।

    अंतिम दर्शन और अंतिम संस्कार

    कलमाड़ी के आधिकारिक कार्यालय के अनुसार, उनका पार्थिव शरीर दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवणे स्थित कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। इसके बाद दोपहर 3:30 बजे नवी पेठ स्थित वैकुंठ श्मशान भूमि में उनके परिवार और राजनीतिक नेताओं की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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    कौन थे सुरेश कलमाड़ी?

    सुरेश शामराव कलमाड़ी का जन्म 1 मई 1944 को पुणे में हुआ था। उनके परिवार में उनकी पत्नी, बेटा-बहू, दो बेटियां, दामाद और पोते-पोतियां शामिल हैं। सुरेश कलमाड़ी दो बार लोकसभा और तीन बार राज्यसभा सांसद रहे। उनके राजनीतिक करियर के साथ-साथ खेल प्रशासन में भी उनका नाम प्रमुखता से लिया जाता रहा।

    कलमाड़ी भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष भी रहे और वर्ष 2010 में दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स की आयोजन समिति के चेयरमैन के रूप में कार्य किया। इसके अलावा वे नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री (1995-96) भी रह चुके हैं।

    सेना से राजनीति तक का सफर

    सुरेश कलमाड़ी ने 1960 में नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) जॉइन किया। इसके बाद वे भारतीय वायुसेना में पायलट के रूप में कमीशंड हुए। उन्होंने 1964 से 1972 तक वायुसेना में सेवा दी और 1972 से 1974 तक NDA में प्रशिक्षण दल में प्रशिक्षक के रूप में कार्य किया। कलमाड़ी स्क्वाड्रन लीडर के पद से रिटायर हुए और उसके बाद उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत की।

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    राजनीति में एंट्री और संसद में कार्यकाल

    कलमाड़ी को राजनीति में लाने का श्रेय संजय गांधी को दिया जाता है। शुरुआती दौर में उन्होंने महाराष्ट्र यूथ कांग्रेस का नेतृत्व किया और 1981-86 तक यूथ कांग्रेस (सोशलिस्ट) के अध्यक्ष रहे। 1982 में वे पहली बार राज्यसभा सांसद बने। इसके बाद उन्होंने 1982, 1996, 1998 में राज्यसभा और 1996, 2004 में लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया।

    वे नरसिम्हा राव सरकार में रेल राज्य मंत्री (1995-96) रहे और इस दौरान रेल बजट पेश किया। इसके साथ ही वे महाराष्ट्र टूरिज्म डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के अध्यक्ष भी रहे और 1989 में पुणे फेस्टिवल की शुरुआत की।

    खेल प्रशासन में योगदान

    कलमाड़ी का नाम खेल प्रशासन में भी विशेष रूप से लिया जाता है।

    1996-2012: IOA अध्यक्ष

    2000-2013: एशियाई एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष

    2015: IOA का आजीवन अध्यक्ष

    उनके नेतृत्व में भारतीय खेल प्रशासन में कई सुधार हुए और उन्होंने देश में खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन को सुचारू रूप से संचालित किया।

    कॉमनवेल्थ गेम्स विवाद

    साल 2010 में आयोजित दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) में वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों के कारण कलमाड़ी विवादों में भी आए। उन पर 141 करोड़ रुपए के ठेकों में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगा। अप्रैल 2011 में CBI ने उन्हें गिरफ्तार किया, जिसके बाद कांग्रेस ने उन्हें सस्पेंड कर दिया। गिरफ्तार होने के बाद वे तिहाड़ जेल में भी रहे।

    15 साल तक चले कोर्ट केस में अप्रैल 2025 में दिल्ली की अदालत ने ईडी की क्लोजर रिपोर्ट स्वीकार की। इसमें कलमाड़ी और अन्य आरोपियों के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के पर्याप्त सबूत नहीं पाए गए। इस प्रकार वे क्लीन चिट मिलने के बाद मुक्त हुए।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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