हरिद्वार के पतंजलि योगपीठ में होली के दिन पूरी धूम देखने को मिली। योग गुरु बाबा रामदेव ने अपने अनुयायियों के साथ फूलों की होली खेली और पूरे परिसर में खुशियों की बौछार कर दी। फूलों की वर्षा और भजन-कीर्तन के बीच उन्होंने सबको सुरक्षित और प्राकृतिक रंगों के साथ होली मनाने का संदेश दिया।
यह भी पढ़ें: होली पर आग उगलेगा आसमान! दिल्ली से पहाड़ और मध्यप्रदेश तक कैसा रहेगा मौसम?
सुबह से ही देश के अलग-अलग राज्यों से लोग पतंजलि योगपीठ पहुंचे। परिसर में भजन-कीर्तन और देशभक्ति गीतों की गूंज रही। श्रद्धालु झूमते और नाचते नजर आए। फूलों की बारिश ने पूरे परिसर को रंगीन कर दिया। हर कोई इस दिन को यादगार बनाने में जुटा रहा। बाबा रामदेव ने मंच से पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं पर फूल बरसाए, जिससे चारों तरफ खुशियों और रंगों की महक फैल गई। इस दिन का माहौल ऐसा था कि आध्यात्म और उत्सव दोनों एक साथ जीवंत दिखाई दिए।
होली के मौके पर बाबा रामदेव ने वैश्विक हालातों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय नाजुक दौर से गुजर रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर उन्होंने चिंता जताई। बाबा रामदेव ने कहा कि युद्ध किसी का भला नहीं करता। दुनिया को सुरक्षित रखने के लिए परमाणु हथियारों को खत्म करने की दिशा में ठोस कदम उठाने होंगे। उनका कहना था कि योग और शांति ही मानवता को बचा सकते हैं।
यह भी पढ़ें: राजनीति मंच पर भी उड़े गुलाल! दिग्गज नेताओं ने देशवासियों को दी शुभकामनाएं
बाबा रामदेव ने कहा कि देश में राजनीतिक मतभेद हो सकते हैं, लेकिन यह समय राष्ट्रीय एकता का है। उन्होंने अपील की कि जनता को बेवजह आलोचना से बचना चाहिए और सरकार के प्रयासों का समर्थन करना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि जाति, धर्म, भाषा या क्षेत्र के नाम पर समाज में फूट डालना राष्ट्र के लिए नुकसानदायक है। मतभेद हो सकते हैं, लेकिन मनभेद नहीं होना चाहिए।
बाबा रामदेव ने सभी से अपील की कि होली को प्राकृतिक रंगों और सुरक्षित तरीके से मनाएं। उन्होंने कहा कि होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रेम, भाईचारा और बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। पतंजलि योगपीठ में फूलों की होली, भजन-कीर्तन और देशभक्ति गीतों के बीच पूरे दिन उत्साह और आध्यात्मिक ऊर्जा का माहौल रहा। श्रद्धालुओं के चेहरे पर खुशी और आनंद साफ झलक रहा था।
बाबा रामदेव के साथ फूलों की होली ने श्रद्धालुओं को एक अनोखा अनुभव दिया। पतंजलि योगपीठ में बताया कि होली उत्सव को आनंदमय, सुरक्षित और आध्यात्मिक तरीके से कैसे मनाया जा सकता है।