Naresh Bhagoria
8 Jan 2026
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को आवारा कुत्तों से जुड़े मामले पर सुनवाई जारी है। इस बहस में कुत्तों के मूड, कुत्तों की काउंसलिंग, कम्युनिटी डॉग्स सहित इंस्टीट्यूशनलाइज्ड डॉग्स जैसे शब्द सामने आएं हैं। डॉग बाइट से जिड़े मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच कर रही है, उन्होंने कहा, बात सिर्फ काटने की नहीं है, कुत्तों से खतरा भी होता है, साथ ही दुर्घटनाओं का खतरा।
बुधवार की सुनवाई में कई अहम बातों का जिक्र किया गया। जस्टिस का कहना है कि आवारा कुत्तों से सड़कें खाली रखनी होंगी। आप इसकी पहचान कैसे करेंगे? सुबह-सुबह कौन सा कुत्ता किस मूड में है, यह आप नहीं जान सकते। दूसरी ओर बहस में आवारा कुत्तों के फेवर में पैरवी कर रहे वरिष्ठ कपिल सिब्बल ने कहा, जब भी मैं मंदिरों वगैरह में गया हूं, मुझे कभी किसी ने नहीं काटा। सुप्रीम कोर्ट ने जवाब दिया- 'आप खुशकिस्मत हैं। लोगों को काटा जा रहा है, बच्चों को काटा जा रहा है। लोग मर रहे हैं।'
कपिल सिब्बल ने कहा कुत्ते ने किसी को काटा है, तो आप एक सेंटर को कॉल करें, उसे ले जाया जाएगा, उसकी नसबंदी की जाएगी और उसे वापस उसी इलाके में छोड़ दिया जाएगा। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बस एक ही चीज बाकी है, कुत्तों को भी काउंसलिंग देना। ताकि वापस छोड़े जाने पर वह काटे नहीं।
वहीं इस मामले में सीनियर एडवोकेट सीयू सिंह ने दलील देते हुए कहा कि सवाल यह नहीं है कि DU या सुप्रीम कोर्ट कैंपस में कुत्तों की जरूरत है या नहीं। लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि कुत्ते एक सच्चाई हैं। जिससे सवाल यह उठता है कि वे इंसानों को नुकसान कैसे न पहुंचाएं और इससे निपटने का सबसे अच्छा तरीका क्या होगा। वहीं इस मामले की अगली सुनवाई गुरुवार को होगी
इतना ही नहीं सीनियर एडवोकेट केके वेणुगोपाल (NALSAR, हैदराबाद के लिए) ने शीर्ष अदालत को बताया कि इस यूनिवर्सिटी में एक एनिमल लॉ सेंटर है। इसमें एनिमल प्रोटेक्शन में मास्टर्स कोर्स और पीजी डिप्लोमा भी है। संस्था का एनिमल प्रोटेक्शन के संबंध में इसका हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के साथ MoU साइनकिया गया है। हमारी जांच में ऐसे आंकड़े सामने आए हैं जो पहले कोर्ट के सामने नहीं रखे गए थे।
भारत में कुत्तों की आबादी 5 करोड़ 25 लाख है
देश में प्रति कुत्ते के लिए जरूरी फंक्शनल शेल्टर 40 वर्ग फुट है।
एक कुत्ते को खिलाने का रोजामर्रा का खर्च 40 रुपये है।
1.54 करोड़ कुत्तों को खिलाने का खर्च 61 करोड़ 81 लाख रुपए होगा।