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10 घंटे तक स्ट्रीट डॉग का आतंक: 42 लोगों को काटा, CCTV में कैद हुई दहशत

सांवेर रोड स्थित अरविंदो अस्पताल और आसपास के क्षेत्रों में एक आवारा कुत्ते ने 10 घंटे तक आतंक मचाते हुए 42 लोगों को घायल कर दिया। घटना के बाद नगर निगम और स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
 42 लोगों को काटा, CCTV में कैद हुई दहशत

इंदौर। शहर के सांवेर रोड क्षेत्र में स्थित अरविंदो अस्पताल परिसर और आसपास के इलाकों में एक स्ट्रीट डॉग का आतंक लोगों के लिए मुसीबत बन गया। करीब 10 घंटे तक आवारा कुत्ते ने क्षेत्र में उत्पात मचाते हुए 42 लोगों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया। इनमें से 16 लोगों की हालत ऐसी थी कि उन्हें तत्काल अस्पताल में भर्ती कर उपचार देना पड़ा।

 डॉक्टर आर के पटेल, प्रभारी हुकुमचंद पॉली क्लिनिक इंदौर

घटना का खौफनाक मंजर क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गया है। सामने आए फुटेज में कुत्ता अचानक राह चलते लोगों पर हमला करता दिखाई दे रहा है। लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही कुत्ता उन पर झपट पड़ता था। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों के अनुसार आवारा कुत्ते ने लगभग 8 किलोमीटर के दायरे में अलग-अलग स्थानों पर लोगों को निशाना बनाया। सुबह से शुरू हुआ उसका आतंक देर रात तक जारी रहा। इस दौरान बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग भी उसकी चपेट में आए।

 

घटना की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की टीम हरकत में आई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार किया गया। जिला प्रशासन की ओर से अधिकांश घायलों का इलाज अरविंदो अस्पताल में कराया जा रहा है, जबकि कई लोग रेबीज के टीके लगवाने के लिए शासकीय हुकुमचंद अस्पताल पहुंचे। शासकीय हुकुमचंद अस्पताल के प्रभारी डॉ. आर.के. पटेल ने बताया कि कुत्ते के हमले में घायल कई लोग अस्पताल पहुंचे थे। सभी को आवश्यक उपचार और एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाकर घर भेज दिया गया है। साथ ही लोगों को सतर्क रहने और किसी भी पशु के काटने पर तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने की सलाह दी गई है।

 

घटना के बाद नगर निगम ने आवारा कुत्ते को पकड़ने के लिए विशेष टीम और डॉग स्क्वायड को क्षेत्र में तैनात किया है। हालांकि खबर लिखे जाने तक कुत्ता पकड़ में नहीं आ सका था। निगम की टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है। इस घटना के बाद नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से आवारा कुत्तों की समस्या बनी हुई है, लेकिन शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते कदम उठाए जाते तो इतनी बड़ी संख्या में लोग घायल नहीं होते। फिलहाल प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने, बच्चों को अकेले बाहर नहीं भेजने और आवारा कुत्तों से दूरी बनाए रखने की अपील की है। वहीं पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में भय और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

Hemant Nagle
By Hemant Nagle

हेमंत नागले | पिछले बीस वर्षों से अधिक समय से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। वर्ष 2004 में मास्टर ऑफ जर्...Read More

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