रायसेन: मदागन घाट पर नर्मदा में डूबा नाबालिग, 6 घंटे तलाश के बाद भी नहीं मिला
रायसेन। ग्राम समनापुर काछी निवासी मयंक पिता प्रेमनारायण कुशवाहा अपने दादाजी के साथ स्नान करने आया था। नदी में तेज बहाव और अधिक गहराई के कारण शनिवार शाम अंधेरा होने पर तलाश रोक दी गई। रायसेन से टीम बुलाकर रविवार सुबह फिर से सर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी की गई।
दादाजी के साथ आया था मयंक
मयंक के दादाजी रामप्रसाद कुशवाहा के अनुसार, वे मयंक के साथ नर्मदा में स्नान करने आए थे। स्नान के बाद वे पूजन के लिए बैठ गए और मयंक को हाथ पकड़कर अपने पास बैठाने लगे। इसी दौरान मयंक हाथ छुड़ाकर दोबारा नदी में चला गया और बह गया। आवाज सुनकर मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने उसकी तलाश शुरू कर दी।
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6 घंटे तक चला सर्च ऑपरेशन
बच्चे की तलाश में पुलिस, एसडीआरएफ और गोताखोरों ने करीब 6 घंटे तक लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन देर शाम तक उसका पता नहीं चल सका। नदी में तेज बहाव और अधिक गहराई को देखते हुए शनिवार शाम करीब 6 बजे अंधेरा होने पर तलाश रोक दी गई। रायसेन से टीम बुलाकर रविवार सुबह दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू करने की तैयारी की गई।
पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने की तलाश
थाना प्रभारी रोहित कुशवाहा ने बताया कि घटना के समय घाट पर भीड़ मौजूद थी। मौके पर तैनात 4 पुलिस जवान, एसडीआरएफ के 4 सदस्य और 2 गोताखोरों ने संभावित स्थानों पर सघन तलाश की। जिस दिशा में बालक बहता दिखाई दिया था, वहां विशेष रूप से सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली।
घाट पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की मांग
स्थानीय लोगों के अनुसार, मदागन घाट पर पानी की गहराई करीब 20 फीट है और नदी के भीतर साफ दिखाई नहीं देता। ग्रामीण युद्धवीर सिंह ने मांग की है कि गहरे पानी वाले स्थानों पर चेतावनी बोर्ड लगाए जाएं, सुरक्षित स्नान क्षेत्र बनाया जाए और घेराबंदी की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही प्रशिक्षित गोताखोरों की स्थायी तैनाती की मांग भी उठाई गई है।























