दमोह तहसील में अनियमितताएं मिलने पर तहसीलदार निलंबित, एसडीएम हटाए गए
दमोह। जनसुनवाई में लगातार शिकायतें मिलने के बाद एसडीएम कोर्ट, तहसीलदार कोर्ट और आरआई कार्यालय की जांच कराई गई थी। जांच में अधिकारिता के बिना आदेश पारित करने, बिना सुनवाई आवेदन निरस्त करने और जुर्माना जमा कराए बिना प्रकरण बंद करने जैसी गड़बड़ियां मिलीं। इसके अलावा सात अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। एसडीएम दमोह का प्रभार डिप्टी कलेक्टर संजय दुबे और तहसीलदार का प्रभार रघुनंदन चतुर्वेदी को सौंपा गया है।
तहसीलदार निलंबित, एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव
निरीक्षण में गड़बड़ियां सामने आने पर तहसीलदार दमयंती नगर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, एसडीएम दमोह को पद से हटाते हुए उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। संबंधित रीडर को भी निलंबित किया गया है, जबकि सात अधिकारियों-कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
ये भी पढ़ें: शहडोल: छात्रावास की बदहाली से परेशान 32 छात्राएं रात 3 बजे पैदल निकलीं, 16 किमी चलकर कलेक्टर से मिलने जा रहीं थीं
बिना सुनवाई आवेदन निरस्त करने के मामले सामने आए
कलेक्टर ने बताया कि जांच के दौरान अधिकारिता के बिना आदेश पारित करने और आमजन को सुनवाई का अवसर दिए बिना मनमाने तरीके से आवेदन निरस्त करने की अनियमितताएं मिली हैं। इसके अलावा, कुछ प्रकरणों में जुर्माने की राशि जमा कराए बिना ही उन्हें दाखिल-दफ्तर या नस्तीबद्ध कर दिया गया। इससे शासन को वित्तीय क्षति होने की आशंका जताई गई है।
शिकायतों के बाद कराई गई संयुक्त जांच
कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने बताया कि जनसुनवाई के दौरान लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद एसडीएम कोर्ट, तहसीलदार कोर्ट और आरआई कार्यालय की एक साथ जांच कराई गई, जिसमें अपर कलेक्टर, डिप्टी कलेक्टर और तहसीलदार शामिल रहे। विस्तृत जांच रिपोर्ट मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई है।
एसडीएम और तहसीलदार का प्रभार सौंपा
कार्रवाई के बाद डिप्टी कलेक्टर संजय दुबे को एसडीएम दमोह का प्रभार दिया गया है। वहीं, दमोह नगर में पहले से पदस्थ रघुनंदन चतुर्वेदी को तहसीलदार का प्रभार सौंपा गया है। कलेक्टर ने सभी अधिकारी-कर्मचारियों से आमजन की समस्याओं का तत्परता, पारदर्शिता और विधिसम्मत तरीके से निराकरण करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नागरिकों को परेशानी नहीं होनी चाहिए और शासन की जनकल्याणकारी मंशा को धरातल पर उतारना सभी की जिम्मेदारी है।























