MP News :विधानसभा सत्र के लिए 30 नवंबर को रणनीति बनाएंगे कांग्रेस विधायक, MSP, रोजगार और कानून-व्यवस्था पर होगी चर्चा

मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए कांग्रेस विधायकों ने तैयारी शुरू कर दी है। कांग्रेस विधायक दल सत्र में किसानों को MSP, रोजगार, कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे विधानसभा में उठाएंगे। सत्र के लिए रणनीति बनाने कांग्रेस विधायकों की बैठक 30 नवंबर को होगी।
विधानसभा सत्र के लिए 30 नवंबर को रणनीति बनाएंगे कांग्रेस विधायक, MSP, रोजगार और कानून-व्यवस्था पर होगी चर्चा
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    भोपाल। मप्र विधानसभा के शीतकालीन सत्र के लिए कांग्रेस विधायकों की बैठक 30 नवंबर को होगी। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने यह बैठक बुलाई है। कांग्रेस विधायकों की बैठक शाम 7.30 बजे से होटल अशोका लेकव्यू में होगी।  बैठक में 1 दिसंबर से शुरू हो रहे मध्यप्रदेश विधानसभा सत्र की रणनीति और रूपरेखा पर विधायकों से चर्चा की जाएगी। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने बताया कि विधायकदल की बैठक में सदस्यों से बातचीत कर प्रदेश के जनहित से जुड़े मुद्दों को सत्र में मजबूती से उठाने की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

    मजबूती से उठाएंगे मुद्दे

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि बैठक में प्रदेश की भाजपा सरकार की विफल नीतियों और घपलों-घोटालों को जनता के सामने लाने और विधानसभा में उसे हथियार बनाकर सरकार को घेरने पर भी चर्चा होगी। सिंघार ने कहा कि किसानों को समर्थन मूल्य का मुद्दा हो, युवाओं के रोजगार की बात हो, प्रदेश में बिगड़ती कानून व्यवस्था हो या फिर भाजपा सरकार की विफल नीतियां हो सभी मुद्दों को आगामी सत्र में मजबूती से उठाया जाएगा। हालांकि उन्होंने बताया कि विधानसभा का सत्र काफी कम अविधि का है जिसका हमने विरोध भी किया है फिर भी लेकिन कांग्रेस पार्टी के विधायक जनहित के मुद्दों पर मोहन सरकार को घेरने का कोई मौका नहीं छोड़ेंगे।

    सचिन यादव बोले-सत्र की अवधि बढ़ाई जाए

    प्रदेश के पूर्व कृषि मंत्री एवं कसरावद विधायक सचिन यादव ने विधानसभा सत्र का समय कम होने पर सवाल उठाए हैं। यादव ने कहा कि विधानसभा सत्र को अत्यंत छोटा करना सरकार की पूरी तरह सोची-समझी चाल है । जनता के ज्वलंत मुद्दों पर खुलकर बहस से बचने के लिए सरकार लगातार पीछे हट रही है। राज्य में समस्याएं बड़ी हैं, हालात गंभीर है। लेकिन दिसंबर के सत्र को मात्र 4 बैठकों का रखा गया है। यह सरकार की नाकामियों को छिपाने और जवाबदेही से बचने का प्रयास है। यादव ने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय विधानसभा सत्र महीनों तक चला करते थे, जहां जनता से जुड़े हर मुद्दे पर खुली और गहन चर्चा होती थी। आज सत्र की अवधि लगातार घटती जा रही है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के कमजोर होने का संकेत है।

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    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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