Starlink की एंट्री भारत में इंटरनेट सेक्टर को पूरी तरह बदल सकती है। खासकर ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के लिए यह एक गेमचेंजर साबित हो सकता है, जहां अब तक नेटवर्क की पहुंच बेहद सीमित रही है।
मेघालय सरकार के साथ हुए एग्रीमेंट के तहत Starlink अपनी सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के जरिए हाई-स्पीड इंटरनेट उपलब्ध कराएगा। राज्य के पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में नेटवर्क की सबसे ज्यादा दिक्कत रहती है, जिसे अब दूर करने की कोशिश की जा रही है। इस सर्विस से शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। इससे गांवों और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को भी डिजिटल दुनिया से जुड़ने का मौका मिलेगा।
ये भी पढ़ें: किडनी ट्रांसप्लांट दिलाने के नाम पर बड़ा फ्रॉड! रीवा में 56 लाख की ठगी, आरोपी हरदा से गिरफ्तार
बता दें कि भारत में ऑपरेशन के लिए Starlink को IN-SPACe से मंजूरी मिल चुकी है, जिससे कंपनी अब भारतीय क्षेत्र में अपनी सैटेलाइट क्षमता का उपयोग कर सकेगी। यह लाइसेंस 5 साल तक मान्य रहेगा। एलन मस्क की इस कंपनी ने मुंबई में अपनी सर्विस का डेमो भी दिखाया था और बेंगलुरु में टीम तैयार कर ली है। इससे साफ है कि कंपनी लॉन्च को लेकर पूरी तरह एक्टिव हो चुकी है।
ये भी पढ़ें: Queen 2 : कंगना रनौत ‘क्वीन 2’ की तैयारी शुरू, अप्रैल के अंत में फ्लोर पर आएगी फिल्म
जानकारी के मुताबिक, भारत में Starlink कनेक्शन लेने के लिए ग्राहकों को 30 से 35 हजार रुपये तक की शुरुआती लागत देनी पड़ सकती है। इसके बाद हर महीने 3500 से 8 हजार रुपये तक का प्लान हो सकता है। स्पीड की बात करें तो यूजर्स को 25Mbps से लेकर 225Mbps तक इंटरनेट मिल सकता है, जो रिमोट एरिया के लिए बड़ी राहत साबित होगा।
हालांकि लॉन्च से पहले स्पेक्ट्रम आवंटन को लेकर मामला अभी पूरी तरह साफ नहीं है। यह मुद्दा फिलहाल (TRAI) के पास विचाराधीन है। जैसे ही यहां से मंजूरी मिलेगी, देश में सैटेलाइट इंटरनेट का रास्ता पूरी तरह साफ हो जाएगा और डिजिटल कनेक्टिविटी का नया दौर शुरू हो सकता है।