SpaceX ने बनाई दुनिया की सबसे महंगी कंपनियों में जगह,जानिए किस कंपनी का है नंबर-1 ताज

दुनिया के सबसे अमीर उद्योगपति एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स ने एक और बड़ा मुकाम हासिल कर लिया है। अमेरिकी टेक शेयर बाजार नैस्डैक में शानदार शुरुआत के बाद कंपनी दुनिया की सातवीं सबसे मूल्यवान कंपनी बन गई है। कंपनी के शेयरों में लिस्टिंग के पहले ही दिन जबरदस्त उछाल देखने को मिला, जिससे उसकी बाजार कीमत तेजी से बढ़ गई। स्पेसएक्स ने हाल ही में हुए अपने आईपीओ के जरिए 75 अरब डॉलर जुटाए। इसे अब तक का सबसे बड़ा आईपीओ माना जा रहा है।
कंपनी के शेयर 135 डॉलर के इश्यू प्राइस के मुकाबले 150 डॉलर पर बाजार में सूचीबद्ध हुए और पहले दिन कारोबार के दौरान 176.52 डॉलर तक पहुंच गए। कारोबार समाप्त होने तक शेयर 160.95 डॉलर पर बंद हुआ, जो शुरुआती मूल्य से करीब 19 प्रतिशत अधिक था।
इतिहास का सबसे बड़ा आईपीओ
स्पेसएक्स की यह उपलब्धि इसलिए भी खास मानी जा रही है क्योंकि कंपनी ने आईपीओ के मामले में पुराना रिकॉर्ड भी तोड़ दिया है। इससे पहले 2019 में सऊदी अरामको ने 25.6 अरब डॉलर का आईपीओ लाकर रिकॉर्ड बनाया था। स्पेसएक्स ने उससे कहीं अधिक पूंजी जुटाकर नया इतिहास रच दिया। कंपनी की इस सफलता ने एलन मस्क को एक बार फिर वैश्विक कारोबार जगत की चर्चा के केंद्र में ला दिया है। अंतरिक्ष तकनीक और सैटेलाइट सेवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली स्पेसएक्स अब दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों के बीच अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज करा चुकी है।
दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनी बनी एनवीडिया
दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची में पहला स्थान एनवीडिया के पास है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफॉर्मेंस चिप्स की बढ़ती मांग का सबसे बड़ा फायदा इसी कंपनी को मिला है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 5 ट्रिलियन डॉलर से ऊपर पहुंच चुका है। एनवीडिया के ग्राहक दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियां हैं, जिनमें ओपनएआई, गूगल और माइक्रोसॉफ्ट जैसे नाम शामिल हैं। एआई सेक्टर में बढ़ती प्रतिस्पर्धा ने एनवीडिया को अभूतपूर्व ऊंचाई तक पहुंचा दिया है।
दूसरे नंबर पर अल्फाबेट, तीसरे पर एप्पल
गूगल की मूल कंपनी अल्फाबेट इस सूची में दूसरे स्थान पर है। कंपनी का बाजार पूंजीकरण 4.63 ट्रिलियन डॉलर के करीब पहुंच चुका है। क्लाउड कंप्यूटिंग और जनरेटिव एआई में लगातार निवेश के कारण कंपनी की स्थिति मजबूत बनी हुई है। वहीं आईफोन निर्माता एप्पल तीसरे स्थान पर कायम है। कंपनी की बाजार कीमत 4.3 से 4.5 ट्रिलियन डॉलर के बीच आंकी जा रही है। स्मार्टफोन, सेवाओं और डिजिटल इकोसिस्टम की बदौलत एप्पल दुनिया की सबसे प्रभावशाली कंपनियों में बनी हुई है।
माइक्रोसॉफ्ट और अमेजन भी शीर्ष सूची में
माइक्रोसॉफ्ट चौथे स्थान पर है। कंपनी को एआई क्षेत्र में अपनी मजबूत मौजूदगी और ओपनएआई में निवेश का लाभ मिला है। माइक्रोसॉफ्ट का बाजार पूंजीकरण 3 ट्रिलियन डॉलर के आसपास पहुंच चुका है। इसके बाद अमेजन पांचवें स्थान पर है। ई-कॉमर्स, क्लाउड सेवाओं और डिजिटल विज्ञापन कारोबार की वजह से कंपनी का मूल्यांकन लगातार मजबूत बना हुआ है।
चिप उद्योग का दबदबा साफ दिखाई दे रहा
ताइवान सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कंपनी यानी टीएसएमसी छठे स्थान पर है। दुनिया की कई बड़ी टेक कंपनियों के लिए एडवांस चिप्स बनाने वाली यह कंपनी वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग की रीढ़ मानी जाती है। स्पेसएक्स के बाद आठवें स्थान पर ब्रॉडकॉम मौजूद है, जो एआई और डेटा सेंटर टेक्नोलॉजी से जुड़े चिप्स विकसित करती है। वहीं नौवें स्थान पर सऊदी अरामको और दसवें स्थान पर मेटा प्लेटफॉर्म्स हैं।
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एआई और टेक्नोलॉजी कंपनियों का बढ़ता दबदबा
दुनिया की शीर्ष 10 सबसे मूल्यवान कंपनियों की सूची पर नजर डालें तो दिखाई देता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और डिजिटल तकनीक से जुड़ी कंपनियों का दबदबा लगातार बढ़ रहा है। स्पेसएक्स की एंट्री ने यह भी दिखाया है कि अंतरिक्ष तकनीक का कारोबार अब सिर्फ वैज्ञानिक उपलब्धि नहीं, बल्कि दुनिया भर के निवेशकों के लिए बड़ा आर्थिक अवसर बन चुका है। आने वाले वर्षों में एआई, क्लाउड कंप्यूटिंग और स्पेस टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों के बीच प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है, जिससे दुनिया की सबसे मूल्यवान कंपनियों की यह सूची और भी दिलचस्प हो सकती है।












