प्रिंस ऑफ कोलकाता का 54वां जन्मदिन :टॉस के लिए स्टीव वॉ को करना पड़ा था इंतजार, पढ़ें वो रिकॉर्ड जो सचिन- विराट भी नहीं तोड़ पाए

स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तानों में गिने जाने वाले सौरव गांगुली आज अपना 54वां जन्मदिन मना रहे हैं। 'दादा' के नाम से मशहूर गांगुली ने सिर्फ अपने शानदार बल्लेबाजी प्रदर्शन से ही नहीं, बल्कि कप्तानी के दम पर भी भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दिलाई। उनकी अगुआई में टीम इंडिया ने विदेशी दौरों पर जीतना सीखा और कई युवा खिलाड़ियों को मौका मिला, जिन्होंने आगे चलकर भारतीय क्रिकेट का भविष्य बदल दिया। गांगुली की कप्तानी में वीरेंद्र सहवाग, युवराज सिंह, हरभजन सिंह, जहीर खान और महेंद्र सिंह धोनी जैसे खिलाड़ियों ने अपने करियर की शुरुआत की। यही खिलाड़ी बाद में 2007 टी-20 विश्व कप और 2011 वनडे विश्व कप जीतने वाली टीम का अहम हिस्सा बने।
कप्तानी में मिली कई यादगार सफलताएं
सौरव गांगुली ने भारत को 2002 की चैंपियंस ट्रॉफी का संयुक्त विजेता बनाया। इसी साल इंग्लैंड में नेटवेस्ट ट्रॉफी जीतकर उन्होंने भारतीय टीम का आत्मविश्वास बढ़ाया। 2003 वनडे विश्व कप में भारत को फाइनल तक पहुंचाया और 2004 में पाकिस्तान की धरती पर पहली बार टेस्ट और वनडे सीरीज जीतने का इतिहास रचा। BCCI अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा होने के बाद भी गांगुली क्रिकेट से जुड़े रहे। वह आईपीएल फ्रेंचाइजी दिल्ली कैपिटल्स के संचालन निदेशक (Director of Cricket) की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
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दादा के नाम दर्ज हैं कई बड़े रिकॉर्ड
सौरव गांगुली के नाम वनडे क्रिकेट में 11,363 रन दर्ज हैं। उन्होंने 311 वनडे मैचों में 22 शतक और 72 अर्धशतक लगाए, जबकि 113 टेस्ट मैचों में 7,212 रन और 16 शतक बनाए।
उनके नाम कई खास रिकॉर्ड भी दर्ज हैं। वह वनडे में लगातार चार मैचों में 'मैन ऑफ द मैच' जीतने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं। 1999 विश्व कप में श्रीलंका के खिलाफ खेली गई उनकी 183 रन की पारी आज भी विश्व कप में किसी भारतीय बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर है। वहीं, चैंपियंस ट्रॉफी के इतिहास में तीन शतक लगाने वाले वह पहले बल्लेबाज भी बने।
स्टीव वॉ को टॉस के लिए कराया इंतजार
साल 2001 की ऐतिहासिक बॉर्डर-गावस्कर टेस्ट सीरीज में गांगुली ने ऑस्ट्रेलियाई कप्तान स्टीव वॉ को टॉस के लिए इंतजार कराया था। बताया जाता है कि उनका ब्लेजर नहीं मिल रहा था, इसलिए वे कुछ देर से मैदान पर पहुंचे। इस घटना ने काफी सुर्खियां बटोरीं।
सीरीज का पहला टेस्ट हारने के बाद भारत ने शानदार वापसी की। कोलकाता टेस्ट में फॉलोऑन खेलने के बावजूद ऑस्ट्रेलिया को हराया और उसके लगातार 16 टेस्ट जीतने के रिकॉर्ड पर ब्रेक लगा दिया। भारत ने सीरीज 2-1 से अपने नाम की और यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे यादगार उपलब्धियों में शामिल हो गई।
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22 शतक लगाने वाले सबसे सफ बाएं हाथ के बल्लेबाज
सौरव वनडे क्रिकेट में 22 शतक लगाने वाले भारत के सबसे सफल बाएं हाथ के बल्लेबाज हैं। आज तक कोई भी भारतीय लेफ्ट हैंड बैटर इस आंकड़े तक नहीं पहुंच पाया है। गांगुली दुनिया के उन चुनिंदा पांच खिलाड़ियों में भी शामिल हैं, जिन्होंने वनडे में 10,000 से ज्यादा रन बनाने के साथ 100 से अधिक कैच लिए और 100 से ज्यादा विकेट भी हासिल किए। एक और अनोखा रिकॉर्ड उनके नाम है कि उन्होंने अपने पहले टेस्ट मैच में शतक लगाया, लेकिन आखिरी टेस्ट पारी में बिना खाता खोले आउट हो गए।
वर्ल्ड कप में 3 शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज
सौरव आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी में तीन शतक लगाने वाले दुनिया के पहले बल्लेबाज बने थे। वहीं, 2003 वनडे विश्व कप में उन्होंने तीन शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। वह किसी एक विश्व कप में तीन शतक लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज थे। उतार-चढ़ाव भरे करियर के बावजूद गांगुली ने 113 टेस्ट मैचों में अपना बल्लेबाजी औसत 40 से ऊपर बनाए रखा, जो उनकी निरंतरता और बड़े मैचों में प्रदर्शन की गवाही देता है।











