Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

Peoples Update Special :मप्र में बिना मुंडेर के कुएं बने मौत का जाल, न सर्वे, न रिकॉर्ड...थम नहीं रहे हादसे

मध्यप्रदेश में खुले और बिना मुंडेर (सुरक्षा दीवार) वाले कुएं लगातार लोगों और वन्यजीवों की जान ले रहे हैं, लेकिन इन्हें सुरक्षित बनाने की दिशा में प्रशासनिक स्तर पर ठोस पहल नजर नहीं आ रही। हाल ही में शहडोल, रायसेन और झाबुआ में हुए हादसों ने एक बार फिर इस गंभीर समस्या को उजागर किया है।
Follow on Google News
मप्र में बिना मुंडेर के कुएं बने मौत का जाल, न सर्वे, न रिकॉर्ड...थम नहीं रहे हादसे
मंदसौर। नारायणगढ़ क्षेत्र के गांव चाकरिया में 27 अप्रैल 2025 को इसी कुएं में कार गिरी थी, जिसमें 12 लोगों की मौत हुई थी।

गुरुप्रसाद यादव, भोपाल। मप्र में बिना मुंडेर वाले कुओं को लेकर प्रशासन चिंतित नहीं है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि कई जिलों में प्रशासन के पास ऐसे कुओं की संख्या तक का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है। हर बड़े हादसे के बाद जांच, निर्देश और सुरक्षा अभियान की घोषणाएं होती हैं, लेकिन कुछ समय बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाता है। परिणामस्वरूप ग्रामीण इलाकों में आज भी बड़ी संख्या में बिना मुंडेर के खुले कुएं लोगों और वन्यजीवों के लिए जानलेवा बने हुए हैं।

/img/89/1783440020158

अब तक कोई सर्वे नहीं कराया

जानकारी के अनुसार शहडोल, सीधी, सिंगरौली, कटनी सहित कई जिलों में बिना मुंडेर वाले कुओं के संबंध में न तो कोई व्यापक सर्वे कराया गया है और न ही इनके संरक्षण अथवा सुरक्षा के लिए कोई विशेष अभियान चलाया गया है। अधिकारियों से बातचीत में भी यह बात सामने आई कि अधिकांश जिलों में ऐसे कुओं का कोई अधिकृत आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

ये भी पढ़ें: बालाघाट में चुनौतीपूर्ण रेस्क्यू : जहरीली गैस से भरे 50 फीट गहरे कुएं से महिला का शव निकाला

ग्वालियर नगर निगम ने की पहल

ग्वालियर नगर निगम ने इस दिशा में अपेक्षाकृत बेहतर पहल की है। अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2023 में हुए सर्वे में नगर निगम क्षेत्र और आसपास लगभग 3,045 कुएं एवं बावड़ियां चिन्हित की गई थीं। इसके बाद नगर निगम और जिला पंचायत ने संयुक्त अभियान चलाकर 95 प्रतिशत से अधिक कुओं और बावड़ियों पर मुंडेर या सुरक्षा जाली लगाने का कार्य पूरा किया। अधिकारियों का दावा है कि निगम सीमा में अब कोई भी खुला कुआं नहीं है।

जिलों से मिले जवाब

जिले में बिना मुंडेर वाले कुओं के आंकड़े उपलब्ध नहीं हैं। आज तक इस तरह का कोई सर्वे नहीं कराया गया।

रवि उईके, पीआरओ, कलेक्ट्रेट सिंगरौली

सीधी जिले में बिना मुंडेर के कितने कुएं हैं, इसका कोई सरकारी रिकॉर्ड हमारे पास मौजूद नहीं है।

त्रयंबकेश द्विवेदी, कार्यपालन यंत्री, सीधी

2023 और पिछले वर्ष निगम सीमा के कुओं पर सुरक्षा जाली लगाने का कार्य किया गया था। वर्तमान में निगम सीमा में कोई खुला कुआं नहीं है।

सुरेश अहिरवार, कार्यपालन यंत्री, नगर निगम ग्वालियर

ये भी पढ़ें: PM Modi In Indonesia : 'रिफॉर्म्स, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म का मंत्र लेकर चल रहे हम...भारतीय समुदाय से बोले पीएम मोदी

2026 में बिना मुंडेर वाले कुओं में प्रमुख हादसे 

           तिथि     जिला     घटना

  • 17 मई     शहडोल   ग्राम मझगंवा में खुले कुएं में गिरने से चार वर्षीय मादा तेंदुए की मौत
  •  23 मई    रायसेन   सगौर गांव में तीन  बच्चियों-तनु, आशा गोंड और अमृता की डूबने से मौत
  •  7 जून     झाबुआ   खरड़ू छोटी गांव के माल फालिया में 70 वर्षीय तितली बाई की मौत
  •  15 जून   झाबुआ   उदयपुरिया गांव में भाई-बहन नंदिनी (5) व शनिराज (4) की कुएं में गिरने से मौत
  •  21 जून   शहडोल   कुबरा गांव में तीन वर्षीय दीवांश साहू की मौत
  •  जून         झाबुआ   कल्याणपुर के पास 12 वर्षीय शिवानी की खुले कुएं में गिरने से मौत

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

Latest Posts