PlayBreaking News

सच्चाई यह है...दिग्विजय सिंह अयोध्या यात्रा में नहीं करेंगे राजनीति, संन्यास नहीं लिया

दिल्ली के कुछ मीडिया संस्थानों ने मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के राजनीति से संन्यास की बात कही है। हालांकि इस बारे में कोई सच्चाई नहीं है। सिंह के मीडिया समन्वयक ने स्पष्ट किया कि सिंह ने यात्रा में राजनीति नहीं करने की बात कही थी। सिंह की उज्जैन-अयोध्या यात्रा की तारीख में प परिवर्तन किया गया है, अब यह यात्रा 20 अक्टूबर से शुरू होगी।
Follow on Google News
दिग्विजय सिंह अयोध्या यात्रा में नहीं करेंगे राजनीति, संन्यास नहीं लिया
मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह। (फाइल फोटो)

भोपाल। दिल्ली में पत्रकारों से चर्चा के बाद मप्र के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के राजनीतिक संन्यास की चर्चाओं का दौर चल पड़ा। हालांकि इसमें सच्चाई नहीं है। सिंह अपनी उज्जैन-अयोध्या यात्रा के दौरान राजनीति नहीं करेंगे। उनकी यात्रा में किसी राजनीतिक दल का ध्वज नहीं रहेगा। वहीं सिंह ने घोषणा की कि कारसेवक संतोष दुबे उनकी यात्रा के मुख्य अतिथित रहेंगे। अयोध्या आंदोलन के समय संतोष दुबे को 4 गोलियां लगी थी।

नर्मदा परिक्रमा की थी तब सभी का सहयोग रहा

पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के मीडिया समन्वयक योगेंद्र सिंह परिहार ने कहा कि दिल्ली में मीडिया से चर्चा के दौरान सिंह उनकी पद यात्रा के दौरान राजनीति नहीं करने की बात कर रहे थे। राजनीति छोड़ने या संन्यास लेने की उन्होंने बात ही नहीं की। उन्होंने जब नर्मदा परिक्रमा की थी तब भी उन्होंने यात्रा का राजनीति करण नहीं होने दिया। बल्कि नर्मदा परिक्रमा में हर राजनीतिक दल के लोग न सिर्फ शामिल हुए, बल्कि कई जगह रुकने खाने की व्यवस्थाएं भी की। शुद्ध और स्पष्ट रूप से वे अपनी पद यात्रा के संदर्भ में बात कर रहे थे। जिसमें उन्होंने कहा कि वे उस दौरान न राजनीति करेंगे, न भाषण देंगे और न ही यात्रा में किसी पार्टी का झंडा होगा। दिग्विजय सिंह राजनीति छोड़ रहे हैं या संन्यास ले रहे हैं, ऐसी सभी खबरें भ्रामक हैं एवं सत्य से परे हैं। वे अपनी अंतिम सांस तक सांप्रदायिक ताकतों से लड़ते रहेंगे एवं सार्वजनिक जीवन जीते हुए देश के पीड़ितों, वंचितों व शोषितों की लड़ाई लड़ते रहेंगे।

ये भी पढ़ें: राम मंदिर चढ़ावा मामला: तीन आरोपी एक दिन की पुलिस रिमांड पर, बैंक खातों की होगी जांच

महाकाल की नगरी से निकलेगी पदयात्रा

सिंह ने घोषणा की कि उनकी प्रस्तावित पदयात्रा अब 2 अक्टूबर के बजाय करीब 20 अक्टूबर से शुरू होगी। उन्होंने बताया कि विभिन्न सुझावों को ध्यान में रखते हुए यात्रा की तारीख बदली गई है। यह यात्रा उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर से प्रारंभ होगी। उन्होंने कहा कि यात्रा के दौरान महाकाल मंदिर और राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े कथित घोटालों के मुद्दे को जनता के बीच प्रमुखता से उठाया जाएगा।

राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग 

दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर ट्रस्ट के पुनर्गठन की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा ट्रस्ट को भंग कर पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव की परिकल्पना वाले रामालय ट्रस्ट जैसी नई व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। उनके अनुसार, इस ट्रस्ट में पांचों शंकराचार्यों को सदस्य बनाया जाए और इसके संचालन की जिम्मेदारी किसी ईमानदार सेवानिवृत्त या कार्यरत वरिष्ठ अधिकारी को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) के रूप में सौंपी जाए। 

ये भी पढ़ें: Ram Mandir News: इस्तीफे के बाद चंपत राय का पहला बयान, मेरे ऊपर लगे सभी आरोप निराधार

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts