भोपाल:कैंसर और ब्रेन बीमारियों में साउंड और चैंटिंग थैरेपी से फास्ट रिकवरी, कई मरीज हो रहे ठीक

संगीत का स्वर और आवाज हमेशा मन को सुकून देती आई हैं, लेकिन अब यही ध्वनियां गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद बन रही हैं। राजधानी भोपाल में साउंड और चैंटिंग थैरेपी के जरिए मरीजों को राहत मिल रही है और उनकी रिकवरी में तेजी देखी जा रही है।
Follow on Google News
कैंसर और ब्रेन बीमारियों में साउंड और चैंटिंग थैरेपी से फास्ट रिकवरी, कई मरीज हो रहे ठीक
AI GENERATED IMAGE

पल्लवी वाघेला, भोपाल

भोपाल में साउंड और चैंटिंग थैरेपी कैंसर, ब्रेन और ऑटो इम्यून बीमारियों में सहायक साबित हो रही है। एक्सपर्ट्स के अनुसार यह थैरेपी इम्यूनिटी बढ़ाने, मानसिक तनाव कम करने और रिकवरी प्रक्रिया को तेज करने में मददगार है, हालांकि इसे मुख्य इलाज के साथ ही अपनाना जरूरी है।

साउंड और चैंटिंग थैरेपी से हो रही रिकवरी 

संगीत की स्वर लहरियां और अलग-अलग ध्वनियां हमेशा मन को खुश रखने में कारगर रही हैं और अब इसका उपयोग कैंसर, ब्रेन रिलेटेड और अन्य ऑटो इम्यून डिजीज की फास्ट रिकवरी में भी सहायक बन रहा है। भोपाल की बात करें तो विजार्ड ऑफ साउंड हीलिंग थैरेपी की प्रमुख आरती सिन्हा बताती हैं कि पिछले तीन सालों में उन्होंने करीब 5 हजार पेशेंट के साथ काम किया है और यह थैरेपी उनकी फास्ट रिकवरी और हीलिंग में सहायक बनी है। वहीं एम्स भोपाल में भी कई बीमारियों के इलाज में बीज मंत्र का उपयोग कर मरीजों की रिकवरी को इंश्योर किया जा रहा है। यह तरीका अब धीरे-धीरे मेडिकल सपोर्ट सिस्टम का हिस्सा बनता जा रहा है।

ये भी पढ़ें: Bollywood: दीपिका-श्रद्धा के बाद अब हरनाज का नाम, ‘महावतार’ की कास्टिंग में नया ट्विस्ट

बीज मंत्र का किया जाता है उच्चारण 

आरती सिन्हा बताती हैं कि साउंड या चैंटिंग के जरिए हीलिंग कोई चमत्कार नहीं है बल्कि जब सही तरह से ऊंचे स्वर में किसी विशेष बीज मंत्र का उच्चारण किया जाता है तो वह उसी फ्रीक्वेंसी या एनर्जी को उत्पन्न करता है जो शरीर के उस विशेष हिस्से के लिए उपयोगी है। मसलन कमर के नीचे के हिस्से की तकलीफ जैसे वेरिकोज वेन या गठिया मूलाधार चक्र से संबंधित है और इस चक्र की चांटिंग लम (एलएएम) है जिसे सही तरीके से बोलना जरूरी है। यह प्रक्रिया ब्रेन वेव को बदलकर पेशेंट को डीप रिलैक्सेशन में ले जाती है जिससे इम्यूनिटी मजबूत होती है और डर धीरे-धीरे शांति में बदलने लगता है।

कीमोथेरेपी में भी मिल रहा फायदा

मसलन कीमोथेरेपी में बेचैनी होती है, नींद नहीं आती और कई तरह की परेशानियां होती हैं, ऐसे में यह थैरेपी मददगार साबित होती है। आरती सिन्हा बताती हैं कि भोपाल के लेक सिटी हॉस्पिटल में उनके रिकॉर्ड किए मेडिटेशन कीमोथैरेपी सेशन के दौरान चलाए जाते हैं और यह पेशेंट के लिए बहुत मददगार साबित होते हैं। ऑनर क्वालिटी रेस्टोरेंट और कैंसर सर्वाइवर रुचिका सचदेव बताती हैं कि 2016 में कैंसर डिटेक्ट हुआ था और कीमो के बाद बेचैनी बढ़ जाती थी लेकिन साउंड हीलिंग और चैंटिंग से उन्होंने खुद में बड़ा बदलाव महसूस किया और अब वे नियमित सेशन भी करती हैं।

ये भी पढ़ें: रीवा : पूर्व जनपद उपाध्यक्ष के दो अश्लील वीडियो सामने आए, इंस्टाग्राम पर युवती ने शेयर किया स्क्रीनशॉट, हनीट्रैप कनेक्शन की आशंका

इंटीग्रेटिव मेडिसिन और एक्सपर्ट व्यू

अब इंटीग्रेटिव मेडिसिन पर जोर दिया जा रहा है यानी एलोपैथी ट्रीटमेंट के साथ अन्य विधाओं को शामिल करना और मेडिसिन के साथ साउंड हीलिंग को जोड़ने से रिकवरी फास्ट होती है। पद्मा जैन बताती हैं कि वे सात-आठ साल से वेरिकोज वेन से परेशान थीं और 21 सेशन लेने के बाद अब काफी सुधार है। एक्सपर्ट डॉ. रवि गुप्ता के अनुसार वैज्ञानिक रूप से मेडिटेशन और साउंड थैरेपी Cortisol को कम करती है और पैरासिम्पेथेटिक नर्वस सिस्टम को एक्टिव करती है जिससे शरीर रेस्ट एंड रिपेयर मोड में आता है। यह मरीज की मानसिक स्थिति को भी बेहतर बनाता है लेकिन इसे मुख्य इलाज के साथ ही अपनाना चाहिए।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...Read More

नई दिल्ली
--°
बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
Source:AccuWeather
icon

Latest Posts