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‘सोमनाथ अमृत पर्व’ में PM मोदी :11 तीर्थों के जल से हुआ शिखर अभिषेक, 75 साल पूरे होने पर भव्य आयोजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत पर्व-2026’ में हिस्सा लिया। 11 पवित्र तीर्थों के जल से मंदिर के 90 मीटर ऊंचे शिखर का कुंभाभिषेक किया गया। यह आयोजन मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है।
11 तीर्थों के जल से हुआ शिखर अभिषेक, 75 साल पूरे होने पर भव्य आयोजन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को सोमनाथ मंदिर में आयोजित ‘सोमनाथ अमृत पर्व-2026’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने मंदिर में पूजा-अर्चना की और भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक सोमनाथ मंदिर के भव्य शिखर का पवित्र जल से कुंभाभिषेक किया।

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11 पवित्र तीर्थों के जल से हुआ कुंभाभिषेक

समारोह में देश के 11 पवित्र तीर्थ स्थलों से लाए गए जल को मंदिर के 90 मीटर ऊंचे शिखर पर चढ़ाया गया। इसके लिए एक विशेष कलश का उपयोग किया गया। कार्यक्रम के दौरान देशभर से आए कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जबकि दूर-दराज से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और दर्शक भी पहुंचे।

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रोड शो में भी शामिल हुए पीएम मोदी

सोमनाथ अमृत महोत्सव में भाग लेने से पहले पीएम मोदी ने रोड शो किया। इस दौरान उनके साथ गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल और राज्य के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी भी मौजूद रहे। रोड शो के दौरान लोगों ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया।

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75 साल पूरे होने पर मनाया जा रहा महोत्सव

यह आयोजन सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और पुनः प्राण-प्रतिष्ठा के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर पर किया जा रहा है। इस कार्यक्रम को ‘सोमनाथ अमृत पर्व-2026’ नाम दिया गया है। पीएम मोदी ने इस दौरान ‘विशेष महापूजा’, ‘कुंभाभिषेक’ और ‘ध्वजारोहण’ जैसे धार्मिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। साथ ही उन्होंने एक स्मारक डाक टिकट और विशेष सिक्का भी जारी किया।

Modi

8 से 11 मई तक चलेगा कार्यक्रम

यह भव्य आयोजन 8 मई से 11 मई तक चलेगा। चार दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में आजादी के बाद पहले ज्योतिर्लिंग मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया जा रहा है। सोमनाथ मंदिर को सनातन संस्कृति और भारतीय विरासत के पुनर्जागरण का प्रतीक माना जाता है। मंदिर का पुनर्निर्माण भारत के पहले उपप्रधानमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल के प्रस्ताव के बाद कराया गया था।

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पहली बार शिखर पर हुआ कुंभाभिषेक

आयोजकों के मुताबिक, पुनर्निर्मित सोमनाथ मंदिर के शिखर पर पहली बार कुंभाभिषेक किया गया। यह परंपरा आमतौर पर दक्षिण भारत के मंदिरों में देखने को मिलती है और हर 10 से 12 साल में शुद्धिकरण अनुष्ठान के रूप में आयोजित की जाती है।

760 किलो का बनाया गया विशेष कलश

इस धार्मिक अनुष्ठान के लिए 1,100 लीटर क्षमता वाला खास कलश तैयार किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस कलश का वजन करीब 760 किलोग्राम है। पानी भरने के बाद इसका कुल वजन लगभग 1.86 मीट्रिक टन हो गया। करीब 8 फीट ऊंचे इस कलश में 11 तीर्थ स्थलों का पवित्र जल रखा गया। इसे मंदिर के शिखर तक पहुंचाने के लिए 350 टन क्षमता वाली ऑल-टेरेन क्रेन का इस्तेमाल किया गया। क्रेन के बूम को विशेष रूप से 90 मीटर ऊंचाई तक पहुंचने के लिए तैयार किया गया था।

Shivani Gupta
By Shivani Gupta

शिवानी गुप्ता | MCU, भोपाल से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में ग्रेजुएशन | 9 वर्षों की टीवी और डिजिटल तक की य...Read More

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