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Bengal Cabinet Meeting : BSF को फेंसिंग के लिए मिलेगी जमीन, पहली कैबिनेट में सुवेंदु अधिकारी के बड़े फैसले

पश्चिम बंगाल में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी की पहली कैबिनेट बैठक सोमवार को हुई। इस बैठक में कैबिनेट ने बॉर्डर पर फेंसिंग के लिए बीएसएफ को जमीन देने समेत कई बड़े फैसले किए।
BSF को फेंसिंग के लिए मिलेगी जमीन, पहली कैबिनेट में सुवेंदु अधिकारी के बड़े फैसले

कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सत्ता संभालने के बाद मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। सोमवार को उनकी सरकार की पहली कैबिनेट बैठक आयोजित हुई, जिसमें प्रशासनिक सुधार से लेकर सीमा सुरक्षा और केंद्रीय योजनाओं को लागू करने तक कई अहम फैसले लिए गए। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि उनकी सरकार डबल इंजन मॉडल पर चलेगी और वही व्यवस्था बंगाल में लागू होगी, जैसी देश के अन्य एनडीए शासित राज्यों में दिखाई देती है।

पहली बैठक में दिखा सख्त प्रशासनिक रुख

नबान्न में हुई इस अहम बैठक में मुख्यमंत्री के साथ अग्निमित्रा पॉल, खुदीराम टुडू, अशोक कीर्तनिया और निशित प्रामाणिक सहित कई मंत्री मौजूद रहे। बैठक खत्म होने के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने जनता को भरोसा दिलाते हुए कहा, हम पर भरोसा रखें-हम सही रास्ते पर चलेंगे। उन्होंने बंगाल के मतदाताओं को नमन किया और चुनाव प्रक्रिया में शामिल वोट कर्मियों, राज्य पुलिस, कोलकाता पुलिस तथा सभी राजनीतिक दलों के प्रति आभार जताया।

BSF को जमीन सौंपने का फैसला बना चर्चा का केंद्र

पहली ही कैबिनेट बैठक में सबसे बड़ा फैसला सीमा सुरक्षा से जुड़ा रहा। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीमा सुरक्षा बल यानी BSF को आवश्यक जमीन हस्तांतरण की प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए। मुख्य सचिव और भूमि सचिव को 45 दिनों के भीतर यह प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत होगी।

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'भय आउट-भरोसा इन' के मंत्र पर चलेगी सरकार

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, “यह सरकार अहम पर नहीं, नीति पर चलती है। प्रधानमंत्री मोदी के 'भय आउट-भरोसा इन' मंत्र के साथ जनता का भरोसा, सुरक्षा और विकास सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।” उन्होंने कहा कि बंगाल में अब सुशासन, सुरक्षा और डबल इंजन सरकार” की नई शुरुआत हो चुकी है। साथ ही उन्होंने डॉ. आंबेडकर के For the People, By the People, Of the People आदर्श पर चलने की बात भी दोहराई।

केंद्रीय योजनाओं और युवाओं पर खास फोकस

नई सरकार ने केंद्र की योजनाओं को राज्य में तेजी से लागू करने का भी फैसला किया है। कैबिनेट बैठक में तय हुआ कि बंगाल सरकार आयुष्मान भारत योजना से जुड़ेगी। इसके अलावा PM जन आरोग्य, PM किसान बीमा, PM श्री, विश्वकर्मा, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और उज्ज्वला जैसी योजनाओं में भी राज्य सक्रिय भागीदारी करेगा। युवाओं को राहत देते हुए सरकारी नौकरियों की अधिकतम आयु सीमा पांच साल बढ़ाने का फैसला लिया गया है। वहीं प्रशासनिक सुधार के तहत IAS अधिकारियों को केंद्रीय प्रशिक्षण से जोड़ने और राज्य को भारतीय न्याय संहिता (BNS) के अनुरूप पूरी तरह ढालने का निर्णय भी लिया गया।

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शहीद कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि

मुख्यमंत्री ने भाजपा के 321 शहीद कार्यकर्ताओं को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि सरकार उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने राजनीतिक हत्याओं में शामिल लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का भरोसा भी दिया। इसके साथ ही गृह मंत्रालय के 16 जून 2025 वाले जनगणना निर्देश को तत्काल लागू करने का फैसला लिया गया, जिसे पिछली सरकार ने रोक रखा था। नई सरकार के इन शुरुआती फैसलों से साफ संकेत मिल रहे हैं कि बंगाल की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में आने वाले दिनों में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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