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PM मोदी की अपील से बाजार में खलबली!गोल्ड मार्केट में अरबों का नुकसान, निवेशकों के उड़े होश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सोना न खरीदने वाली अपील का असर अब शेयर बाजार में साफ दिखाई दे रहा है।  कई ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को डर है कि अगर लोगों ने सोना खरीदना कम कर दिया, तो ज्वेलरी कारोबार और कंपनियों के मुनाफे पर बड़ा असर पड़ सकता है। देखिए पूरी रिपोर्ट।
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गोल्ड मार्केट में अरबों का नुकसान, निवेशकों के उड़े होश

बिजनेस डेस्क। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की एक अपील का असर अब सीधे शेयर बाजार और ज्वेलरी सेक्टर पर दिखाई देने लगा है। PM मोदी ने हैदराबाद में एक कार्यक्रम के दौरान लोगों से कहा कि वे अगले एक साल तक सोना खरीदने से बचें। उनका कहना था कि देश को फॉरेक्स रिजर्व बचाने की जरूरत है और मौजूदा वैश्विक हालात में यह कदम जरूरी हो सकता है।

PM मोदी की इस अपील के बाद सोमवार को शेयर बाजार में ज्वेलरी सेक्टर में भारी बिकवाली (Sell-off) देखने को मिली। निवेशकों को डर है कि अगर लोगों ने सच में सोना खरीदना कम कर दिया, तो ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर बड़ा असर पड़ सकता है।

ज्वेलरी शेयर में बड़ी गिरावट

PM मोदी की अपील के बाद देश की कई बड़ी ज्वेलरी कंपनियों के शेयर टूट गए। सबसे ज्यादा गिरावट कल्याण ज्वैलर्स और सेनको गोल्ड के स्टॉक में देखने को मिला। दोनों का शेयर करीब 10% तक गिर गया। दूसरी ओर टाइटन कंपनी के शेयर भी लगभग 7% तक लुढ़क गए। इसके अलावा पीएन गाडगिल, थंगमयिल ज्वेलरी, पीसी ज्वेलर, त्रिभोवंदास भीमजी जवेरी, गोल्डियम और वैभव ग्लोबल जैसी कंपनियों के शेयरों में भी 4% से 8% तक की गिरावट दर्ज की गई। छोटी कंपनियों के शेयरों पर भी दबाव दिखाई दिया। निवेशकों ने तेजी से शेयर बेचना शुरू कर दिया, जिससे पूरे ज्वेलरी सेक्टर में कमजोरी आ गई।

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आखिर PM मोदी ने ऐसी अपील क्यों की?

हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि देश को आर्थिक चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। मीडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

भारत दुनिया में सोने का सबसे बड़ा आयात करनेवाले देशों में से एक है। देश में हर साल बड़ी मात्रा में सोना विदेशों से खरीदा जाता है। इससे विदेशी करेंसी पर दबाव बढ़ता है। सरकार चाहती है कि लोग फिलहाल सोने की खरीद कम करें ताकि विदेशी करेंसी की बचत हो सके।  इसी वजह से PM मोदी ने लोगों से अपील की कि वे कुछ समय तक सोना खरीदने से बचें।

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क्या बढ़ सकती है गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी?

ज्वेलरी उद्योग से जुड़े लोगों का मानना है कि सरकार जल्द ही सोने पर इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ा सकती है।  अगर ऐसा हुआ, तो सोने की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे ग्राहकों की खरीदारी कम हो सकती है। उद्योग का अनुमान है कि सोने की मांग में 10% से 12% तक गिरावट आ सकती है। बताया जा रहा है कि ज्वेलरी एसोसिएशन के प्रतिनिधि जल्द ही प्रधानमंत्री कार्यालय के अधिकारियों से मुलाकात कर सकते हैं।

निवेशकों में क्यों मचा डर?

शेयर बाजार हमेशा भविष्य को देखकर चलता है। निवेशकों को लग रहा है कि भारतीय लोग प्रधानमंत्री की बात को गंभीरता से लेंगे और सोना खरीदना कम कर देंगे। अगर ऐसा हुआ तो ज्वेलरी कंपनियों की बिक्री घट सकती है। कंपनियों के तिमाही नतीजों पर असर पड़ सकता है। इसी डर की वजह से निवेशकों ने ज्वेलरी कंपनियों के शेयर बेचना शुरू कर दिया। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल बाजार में पैनिक सेलिंग का माहौल बन गया है। लोग यह सोचकर शेयर बेच रहे हैं कि आने वाले समय में ज्वेलरी सेक्टर की रफ्तार धीमी पड़ सकती है।

800 टन से घटकर 500 टन तक मांग

भारत चीन के बाद दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा गोल्ड कंज्यूमर देश है। देश में हर साल करीब 700 से 800 टन सोने की खपत होती है। लेकिन व्यापार संगठनों का मानना है कि अगर लोगों ने एक साल तक सोना खरीदना कम कर दिया, तो देश में सोने की खपत घटकर 500 टन तक पहुंच सकती है। इससे ज्वेलरी इंडस्ट्री की कमाई पर बड़ा असर पड़ सकता है।

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छोटे कारोबारियों पर सबसे ज्यादा असर

ज्वेलरी व्यापारियों का कहना है कि सबसे ज्यादा नुकसान छोटे सुनारों, कारीगरों और छोटे दुकानदारों को होगा। अगर लंबे समय तक बिक्री कम रही, तो छोटे दुकानदारों के लिए कर्मचारियों को वेतन देना मुश्किल हो सकता है। कई जगह कर्मचारियों की छंटनी तक करनी पड़ सकती है। खासकर उन शहरों में जहां हजारों परिवार ज्वेलरी उद्योग पर निर्भर हैं।

भारतीय संस्कृति में गोल्ड की खास जगह

भारत में सोना सिर्फ निवेश नहीं, बल्कि परंपरा और संस्कृति का हिस्सा है। शादी-ब्याह, त्योहार और धार्मिक कार्यक्रमों में सोने के गहनों का खास महत्व होता है। कई परिवारों में सोना खरीदना शुभ माना जाता है।

आगे क्या होगा?

अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है। अगर सरकार सच में गोल्ड इम्पोर्ट ड्यूटी बढ़ाती है, तो सोना और महंगा हो सकता है। दूसरी तरफ, अगर लोगों ने सोना खरीदना कम कर दिया तो ज्वेलरी कंपनियों की कमाई और शेयर बाजार दोनों पर असर जारी रह सकता है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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