नर्मदापुरम: सोहागपुर में पलकमति नदी पर दिखी ‘सील्ही’, पहली बार बड़ी संख्या में नजर आई व्हिस्लिंग डक

पलकमति नदी में ‘सील्ही’ का दिखाई देना एक ओर जहां प्राकृतिक सुंदरता को बढ़ा रहा है, वहीं यह पर्यावरण के बेहतर संतुलन का संकेत भी है। अब जरूरत है इस नदी और इसके आसपास के वातावरण को बचाने की, ताकि यह खूबसूरत नजारा लंबे समय तक बना रहे।
काफी लोग पक्षियों को देखने पहुंच रहे
वन एवं पर्यावरण प्रेमी समाज सेविका मनीषा सिटोकै ने सबसे पहले इन पक्षियों को देखा और सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इसकी जानकारी दी। इसके बाद से ही पलकमति नदी का यह दृश्य चर्चा का विषय बन गया है। सुबह के समय नदी किनारे लोगों की भीड़ इन पक्षियों को देखने के लिए पहुंच रही है, जिससे यह जगह अब स्थानीय स्तर पर आकर्षण का केंद्र बन गई है।
‘सील्ही’ की खासियत और रहन-सहन
बता दें कि Lesser Whistling Duck एक खास तरह की बतख प्रजाति है, जो आमतौर पर उथले जलाशयों, तालाबों और धीमी बहाव वाली नदियों में पाई जाती है। इनका भोजन मुख्य रूप से काई, जलीय पौधों के कोमल भाग, बीज और छोटे जलीय जीव होते हैं। पलकमति नदी में भी ये पक्षी पानी की सतह पर तैरते हुए भोजन करते नजर आए। विशेषज्ञों के अनुसार, यह प्रजाति अपनी सीटी जैसी मधुर आवाज के लिए जानी जाती है, इसी वजह से 'व्हिस्लिंग डक' कहा जाता है।
पर्यावरण के लिए सकारात्मक संकेत
स्थानीय लोगों का मानना है कि इस तरह के पक्षियों का बड़ी संख्या में दिखाई देना क्षेत्र के पर्यावरण संतुलन के लिए अच्छा संकेत है। यह दर्शाता है कि पलकमति नदी का जल और आसपास का वातावरण अभी भी जीव-जंतुओं के अनुकूल है। अगर इस क्षेत्र का सही तरीके से संरक्षण किया जाए, तो आने वाले समय में यह जगह पक्षी प्रेमियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण बन सकता है।





















