सोहागपुर। मढ़ई के शांत फिंजां क्षेत्र में रविवार शाम को पर्यटकों को जंगल सफारी का एक रोमांचक अनुभव देखने को मिला। यहां दो बाघ आपस में भिड़ते हुए नजर आए, जिसे देखने के लिए मुंबई से आए पर्यटक भी दंग रह गए।
शाम के समय जंगल में अचानक जोरदार गुर्राहट हुई। पास ही मौजूद पर्यटकों ने इस आवाज़ की ओर ध्यान दिया और देखा कि दो बाघ आपस में जोर आजमाइश कर रहे हैं। यह दृश्य इतना रोमांचक था कि सभी पर्यटक अपनी आंखों पर विश्वास नहीं कर पा रहे थे। मुंबई से आए पर्यटक शिवम् नै ने इस अद्भुत नजारे को अपने कैमरे में कैद किया और इसे अपने जीवन का सबसे यादगार पल बताया।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, इस भिड़ंत में शामिल बाघ शंकरा था, जो कि मढ़ई का बहुत प्रसिद्ध और भारी भरकम बाघ है। शंकरा अक्सर दर्शकों को दिखाई देता है और वन्यजीव प्रेमियों के बीच इसकी खूबसूरती को बेमिसाल माना जाता है। दूसरी ओर, नया बाघ हाल ही में इस इलाके में आया है।
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वन अधिकारियों ने बताया कि यह भिड़ंत टेरिटोरियल यानी क्षेत्राधिकार की लड़ाई थी। नए और पुराने बाघ के बीच यह टकराव संभावित खतरों और नए घटनाओं की चेतावनी भी दे रहा है।
जंगल में यह घटना सामने आने के बाद मढ़ई गेट पर पर्यटकों ने सूचना दी। इसके बाद गश्ती दल मौके पर पहुंचा और बाघों पर निगरानी रखी। एसडीओ आशीष खोबरागड़े ने बताया कि रेंजर राहुल उपाध्याय और उनकी टीम जंगल में निगरानी में तैनात हैं और उन्होंने खुद भी मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
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जंगल में बाघों की यह टेरिटोरियल फाइट चिंता का विषय भी है। उल्लेखनीय है कि इससे एक दिन पहले मटकुली क्षेत्र में हुई टेरिटोरियल फाइट में एक बाघ शावक की मौत हो गई थी। वन अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में नई और पुरानी भिड़ंत को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है ताकि कोई बड़ा हादसा न हो।
मुंबई से आए पर्यटक शिवम् नै ने बताया कि उन्होंने बाघों की भिड़ंत को अपने कैमरे में कैद किया और यह दृश्य उनके लिए जीवन का अविस्मरणीय अनुभव बन गया। अन्य पर्यटक भी जंगल की इस रोमांचक घटना को देखकर बहुत उत्साहित थे।
यह घटना वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी महत्वपूर्ण संदेश देती है। टेरिटोरियल फाइट्स वन्यजीवों के स्वाभाविक व्यवहार का हिस्सा हैं, लेकिन यह संकेत भी देती हैं कि नए और पुराने बाघ के बीच संघर्ष कभी भी गंभीर रूप ले सकता है। वन अधिकारियों ने सभी पर्यटकों से अपील की है कि जंगल में सुरक्षित दूरी बनाए रखें और बाघों को परेशान न करें।