जबलपुर के दीनदयाल चौक बस स्टैंड के पास स्थित संचार नगर कॉलोनी में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र से 8 बच्चों के एक साथ फरार होने की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि देर रात बच्चों ने केंद्र से भागने की योजना बनाई और मौके का फायदा उठाकर बाहर निकल गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
सूत्रों के अनुसार बच्चों ने केंद्र की खिड़की या दीवार में लगी लोहे की जाली को तोड़ा और उसी रास्ते से बाहर निकल गए। यह पूरी घटना सुनियोजित तरीके से की गई, बच्चों ने पहले से इसकी तैयारी कर रखी थी। घटना के समय अधिकतर स्टाफ आराम कर रहा था जिसका फायदा उठाया गया।
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इस घटना के बाद केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। एक साथ 8 बच्चों का फरार हो जाना यह दर्शाता है कि केंद्र में निगरानी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इससे वहां रह रहे अन्य बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।
घटना के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि केंद्र प्रबंधन ने अब तक पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि प्रबंधन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है जो कि बेहद गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।
माढ़ोतल थाना प्रभारी वीरेंद्र पवार ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत दर्ज कराई जाती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इससे साफ है कि फिलहाल मामले में कोई आधिकारिक जांच शुरू नहीं हुई है।
बच्चों के फरार होने की खबर से परिजनों में डर और गुस्से का माहौल है। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें समय पर सूचना नहीं दी गई जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि अगर समय रहते जानकारी मिलती तो बच्चों की तलाश जल्दी शुरू की जा सकती थी।
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स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही फरार बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।