Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

जबलपुर:8 बच्चे नशामुक्ति केंद्र से फरार, जाली तोड़कर रात में भागे; प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप

जबलपुर के दीनदयाल चौक बस स्टैंड के पास स्थित संचार नगर कॉलोनी में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र से 8 बच्चों के एक साथ फरार होने की घटना सामने आई है।
8 बच्चे नशामुक्ति केंद्र से फरार, जाली तोड़कर रात में भागे; प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    जबलपुर के दीनदयाल चौक बस स्टैंड के पास स्थित संचार नगर कॉलोनी में संचालित नशामुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र से 8 बच्चों के एक साथ फरार होने की घटना सामने आई है। बताया जा रहा है कि देर रात बच्चों ने केंद्र से भागने की योजना बनाई और मौके का फायदा उठाकर बाहर निकल गए। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।

    जाली तोड़कर बनाया भागने का रास्ता

    सूत्रों के अनुसार बच्चों ने केंद्र की खिड़की या दीवार में लगी लोहे की जाली को तोड़ा और उसी रास्ते से बाहर निकल गए। यह पूरी घटना सुनियोजित तरीके से की गई, बच्चों ने पहले से इसकी तैयारी कर रखी थी। घटना के समय अधिकतर स्टाफ आराम कर रहा था जिसका फायदा उठाया गया।

    ये भी पढ़ें: MP News : सुसाइड नोट से हड़कंप : साजिश के जाल में फंसा युवक, प्यार, धोखा और झूठे केस की खौफनाक दास्तां

    सुरक्षा व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

    इस घटना के बाद केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। एक साथ 8 बच्चों का फरार हो जाना यह दर्शाता है कि केंद्र में निगरानी और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। इससे वहां रह रहे अन्य बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

    प्रबंधन पर मामले को दबाने के आरोप

    घटना के बाद सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि केंद्र प्रबंधन ने अब तक पुलिस में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई है। स्थानीय लोगों और परिजनों का आरोप है कि प्रबंधन इस मामले को दबाने की कोशिश कर रहा है जो कि बेहद गंभीर लापरवाही को दर्शाता है।

    पुलिस ने कहा अब तक कोई शिकायत दर्ज नहीं

    माढ़ोतल थाना प्रभारी वीरेंद्र पवार ने बताया कि अभी तक इस मामले में कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। उन्होंने कहा कि यदि शिकायत दर्ज कराई जाती है तो जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। इससे साफ है कि फिलहाल मामले में कोई आधिकारिक जांच शुरू नहीं हुई है।

    परिजनों में डर और नाराजगी

    बच्चों के फरार होने की खबर से परिजनों में डर और गुस्से का माहौल है। कई परिवारों का कहना है कि उन्हें समय पर सूचना नहीं दी गई जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। उनका कहना है कि अगर समय रहते जानकारी मिलती तो बच्चों की तलाश जल्दी शुरू की जा सकती थी।

    ये भी पढ़ें: 6 घंटे पूछताछ, कई FIR..! अब कमबैक शो ‘Still Alive’ से जवाब देंगे समय रैना

    प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग

    स्थानीय नागरिकों और परिजनों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही फरार बच्चों को जल्द से जल्द सुरक्षित वापस लाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।

    Dr. Sumit  Shrivastava
    By Dr. Sumit Shrivastava

    सुमित श्रीवास्तव एक अनुभवी मीडिया प्रोफेशनल, बिजनेस पत्रकार और शोधकर्ता हैं। मास कम्युनिकेशन में M.P...

    Latest Posts