दीपावली की खरीदारी के बीच सोहागपुर में लगा भीषण जाम, बाजार की बिगड़ी व्यवस्था से लोग परेशान

सोहागपुर। दीपावली का त्योहार आते ही बाजारों में रौनक बढ़ जाती है, लेकिन मध्य प्रदेश के सोहागपुर में त्योहार की खरीदारी लोगों के लिए परेशानी का सबब बन गई। दीपावली से ठीक पहले बाजार में यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। सड़कों पर लगे लंबे जाम में लोग घंटों फंसे रहे। हालात ऐसे बने कि आम नागरिकों के साथ यातायात संभालने में जुटे पुलिसकर्मियों को भी काफी मशक्कत करनी पड़ी। प्रशासन की ओर से पहले ही बाजार को व्यवस्थित करने के प्रयास किए गए थे, लेकिन इसके बावजूद जमीनी स्तर पर कोई खास सुधार नजर नहीं आया।
प्रशासन की तैयारी भी नहीं आई काम, बाजार में फिर लगा जाम
दरअसल, गुरुवार को एसडीएम डॉ. बबीता राठौर ने खुद मैदान में उतरकर बाजार की व्यवस्था सुधारने की पहल की थी। उन्होंने स्टेट हाईवे के किनारे लगने वाली चाट-फुल्की की दुकानों को दूसरी जगह शिफ्ट कराया था।
इसके अलावा लक्ष्मी प्रतिमा, दीये, डुबलिया, झाड़ू, मोर पंख और डलिया जैसी दीपावली की सामग्री बेचने वाले दुकानदारों को भी जगह उपलब्ध कराई गई थी। दुकानदारों को सड़क की सीमा से पीछे दुकानें लगाने के निर्देश दिए गए थे। इससे उम्मीद थी कि त्योहार के दौरान बाजार में जाम की समस्या नहीं होगी, लेकिन खरीदारी के लिए भीड़ बढ़ते ही यातायात व्यवस्था फिर बिगड़ गई।
संकरी सड़क और अस्थाई दुकानों से बढ़ी परेशानी
सोहागपुर में पलकमती नदी के पुल से एसडीओपी कार्यालय तक का रास्ता काफी संकरा है। दीपावली के दौरान इसी मार्ग पर बड़ी संख्या में अस्थाई दुकानें लग जाती हैं। दुकानों और ग्राहकों की भीड़ के कारण सड़क पर वाहनों के निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं बचती।
इसी समस्या को देखते हुए नगर परिषद ने अस्थाई दुकानों को रामलीला मैदान, कृषि उपज उपमंडी या नवीन बस स्टैंड के डोम शेड में लगाने का प्रस्ताव दिया था। एसडीएम ने भी नगर परिषद की राजस्व शाखा को इस संबंध में जरूरी व्यवस्था करने के निर्देश दिए थे।
दुकानदारों के विरोध के बाद बदल गई व्यवस्था
प्रशासन की इस योजना को कुछ दुकानदारों और सत्ता पक्ष से जुड़े नेताओं ने पसंद नहीं किया। उन्होंने एसडीएम से मुलाकात कर सभी दुकानों को दूसरी जगह लगाने की व्यवस्था का विरोध किया। कुछ दुकानदारों की मांग थी कि सभी तरह की दुकानें एक ही स्थान पर लगाई जाएं, ताकि ग्राहकों की संख्या और कारोबार प्रभावित न हो। विरोध के बाद प्रशासन को स्टेट हाईवे के किनारे ही दुकानें लगाने की मांग पर सहमति देनी पड़ी। इसके बाद बाजार में पुरानी व्यवस्था ही जारी रही और त्योहार के दौरान जाम की समस्या फिर सामने आ गई।
पहले विरोध, फिर व्यवस्था सुधारने के सुझाव
इस पूरे मामले में दिलचस्प स्थिति तब बनी, जब निर्धारित स्थान पर दुकानें लगाने का विरोध करने वाले कुछ लोग बाद में बाजार की व्यवस्था सुधारने के सुझाव देते नजर आए। इनमें सड़क पर सामान रखकर दुकान लगाने वालों का सामान जब्त करने, बाजार में वन-वे व्यवस्था लागू करने और अतिक्रमण हटाने जैसे सुझाव शामिल थे।
आखिर कब मिलेगी सोहागपुर को जाम से राहत?
दीपावली के बाजार में बिगड़ी यातायात व्यवस्था ने प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। हर साल त्योहारों के दौरान सोहागपुर में इसी तरह जाम की स्थिति बनती है, जिससे आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ती है।
सवाल यह है कि जब समस्या हर साल सामने आती है, तो इसका स्थायी समाधान क्यों नहीं निकाला जाता? यदि अस्थाई दुकानों के लिए पहले से एक निर्धारित स्थान तय कर दिया जाए और सभी दुकानदारों को वहां सुविधाएं दी जाएं, तो बाजार में भीड़ को नियंत्रित करना आसान हो सकता है।




















