Indore Diwali Celebration: 11 साल से गरीब बच्चों के साथ दिवाली मना रही संस्था, 100 बच्चों को मॉल घुमाकर बांटी खुशियां

इंदौरीयंस संस्था पिछले 11 साल से अभावग्रस्त बच्चों के साथ दिवाली मना रही है। इस बार 100 बच्चों को ट्रेजर आइलैंड मॉल घुमाया गया। बच्चों ने गेम्स खेले, पिज्जा-बर्गर खाया और नए कपड़े, मिठाई व पटाखे पाकर खुशियां बांटीं।
Indore Diwali Celebration: 11 साल से गरीब बच्चों के साथ दिवाली मना रही संस्था, 100 बच्चों को मॉल घुमाकर बांटी खुशियां

पीपुल्स संवाददाता, इंदौर
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दिवाली पर हर तरफ रोशनी और खुशियों का माहौल रहता है, लेकिन समाज में ऐसे बच्चे भी हैं, जो आर्थिक अभाव के कारण इन खुशियों से दूर रह जाते हैं। ऐसे बच्चों तक त्योहार की खुशियां पहुंचाने के लिए इंदौरीयंस संस्था पिछले 11 साल से ‘आओ मिलकर खुशियां बांटें हम’ अभियान चला रही है। इसके तहत बच्चों को उपहार देने के साथ उन्हें नए अनुभव देने और उनके साथ समय बिताने की पहल की जाती है।

मॉल में खेले, पसंद का खाना खाया और मिले उपहार

संस्था के रवि गुप्ता और उमा त्रिवेदी बताते हैं कि इस बार 100 अभावग्रस्त बच्चों को ट्रेजर आइलैंड मॉल ले जाया गया। यहां बच्चों ने गेम्स जोन में मनोरंजन किया और फूड जोन में अपनी पसंद का पिज्जा और बर्गर खाया। हेयर सैलून में उनके बाल भी कटवाए गए। इसके साथ ही प्रत्येक बच्चे को नए कपड़े, मिठाई और पटाखे दिए गए। संस्था हर साल दीपावली से पहले बच्चों को मॉल लेकर जाती है, ताकि वे भी ऐसी जगहों पर घूमने और मनोरंजन का अनुभव ले सकें।

पहली बार मॉल पहुंचकर खुश हुआ शिवांश

मॉल में पहली बार पहुंचे शिवांश ने बताया कि उसने अब तक मॉल को बाहर से ही देखा था। अंदर जाकर गेम्स जोन में खेलना और अपनी पसंद का पिज्जा-बर्गर खाना उसके लिए बहुत खास अनुभव रहा। वहां जाकर उसे बहुत खुशी हुई।

125 सदस्यों के सहयोग से चलता है अभियान

रवि गुप्ता बताते हैं कि संस्था से करीब 125 सदस्य जुड़े हैं। भूपेंद्र तिवारी, अनामिका सीतलानी, विक्रम सोलंकी, अमित उपाध्याय, हेमा पारिख और शोभा सिसोदिया सहित अन्य सदस्य इस अभियान में सहयोग करते हैं। शिवनगर, मूसाखेड़ी सहित कई बस्तियों में बच्चों के साथ छह दिन तक दिवाली मनाई जाती है।

सालभर पढ़ाई और योग की कक्षाएं भी

संस्था केवल त्योहार पर ही नहीं, बल्कि सालभर बच्चों के लिए पढ़ाई और योग की कक्षाएं भी चलाती है। सदस्य शाम को बच्चों को पढ़ाने और योग सिखाने पहुंचते हैं। वहीं, निराश्रित बुजुर्गों को राशन, कपड़े और मिठाई देकर उनके साथ भी दिवाली मनाई जाती है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...

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