Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

स्कूल में ईंट-सीमेंट डलवाने का झांसा, लिंक भेजकर खाते से उड़ाए 52,865 रुपए

सोहागपुर में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठग ने खुद को खैरी स्कूल का प्रिंसिपल बताकर ईंट-सीमेंट पहुंचाने को कहा और भुगतान के बहाने व्हाट्सऐप लिंक क्लिक करवाकर अलग-अलग लेन-देन में 52,865 रुपए निकाल लिए। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
स्कूल में ईंट-सीमेंट डलवाने का झांसा, लिंक भेजकर खाते से उड़ाए 52,865 रुपए

सोहागपुर। रामगंज वार्ड निवासी नंदलाल चौधरी पिता रामकृष्ण चौधरी के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात व्यक्ति ने खुद को खैरी स्कूल का प्रिंसिपल बताते हुए स्कूल में ईंट और सीमेंट पहुंचाने को कहा। फरियादी द्वारा सामग्री पहुंचाने के बाद भुगतान के नाम पर अलग-अलग चरणों में उसके खाते से कुल 52,865 रुपए निकाल लिए गए। मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। यह जानकारी देते हुए ए एस आई गणेश राय ने बताया कि 

निर्माण सामाग्री स्कूल में पहुंचा दी

फरियादी के अनुसार उसके मोबाइल पर एक व्यक्ति का फोन आया। उसने स्वयं को खैरी स्कूल का प्रिंसिपल बताते हुए स्कूल में ईंट और सीमेंट डालने के लिए कहा। स्कूल में छुट्टी होने के कारण विद्यालय बंद था, फिर भी फरियादी ने बताए अनुसार निर्माण सामग्री स्कूल में पहुंचा दी। इसके बाद जब उसने उसी नंबर पर संपर्क किया तो उसे एक अन्य मोबाइल नंबर देकर कहा गया कि सामग्री का भुगतान एसडीएम कार्यालय से होगा।

ठग ने वाट्सऐप पर भेजी लिंक 

दूसरे नंबर पर बात करने वाले व्यक्ति ने फरियादी से कहा कि भुगतान प्राप्त करने के लिए उसके खाते में 30 हजार रुपए का बैलेंस होना चाहिए। इसके बाद फरियादी ने अपनी लड़की के एसबीआई सोहागपुर स्थित खाते से दुर्गेश गोस्वामी के माध्यम से 20 हजार रुपए जमा करवाए। ठग ने वाट्सऐप पर एक लिंक भेजकर उसे क्लिक करने को कहा। लिंक पर क्लिक करने के बाद दोपहर करीब 2 बजे खाते से 19,999 रुपए यूपीआई के माध्यम से कट गए। 

ये भी पढ़ें: कर्नाटक में दो संदिग्ध आतंकी गिरफ्तार, टेलीग्राम ग्रुप बनाकर साजिश रचने का आरोप

दो बार जमा कराए 15-15 हजार  रुपए

इसके बाद आरोपी ने फरियादी से कहा कि कम पैसे भेजे गए हैं और रकम फंस गई है, इसलिए खाते में और 15 हजार रुपए जमा करें। फरियादी ने दोबारा 15 हजार रुपए जमा किए। इसके बाद फिर व्हाट्सएप पर भेजी गई लिंक क्लिक कराई गई, जिससे 15,887 रुपए और खाते से निकल गए। आरोपी नेटवर्क समस्या सहित अन्य बहाने बनाकर फरियादी से दोबारा रकम जमा करवाता रहा। इस तरह अलग-अलग लेन-देन में कुल 52,865 रुपए खाते से कट गए। बाद में जब फरियादी ने संबंधित मोबाइल नंबर पर संपर्क किया तो फोन बंद मिला। इसके बाद उसे अपने साथ साइबर धोखाधड़ी होने का संदेह हुआ। फरियादी खैरी स्कूल पहुंचा और वहां प्रिंसिपल से जानकारी ली। प्रिंसिपल ने बताया कि उन्होंने फोन कर ईंट-सीमेंट डालने के लिए नहीं कहा था। इसके बाद फरियादी को ठगी का पूरा मामला समझ में आया।

हेल्पलाइन 1930 पर दी सूचना, मामला दर्ज

फरियादी द्वारा साइबर हेल्पलाइन 1930 पर घटना की रिपोर्ट की गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ धारा 318(4) एवं 319(2) बीएनएस के तहत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया है।

पुलिस की अपील-अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें

पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या व्हाट्सएप लिंक के बहकावे में आकर बिना सत्यता की पुष्टि किए किसी खाते में राशि ट्रांसफर न करें। किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने से बचें। साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराएं। जागरूकता और सतर्कता से साइबर फ्रॉड से बचा जा सकता है।

ये भी पढ़ें: FASTag चोरी हुआ तो क्या करें? बैंक से लेकर पुलिस तक जानें पूरी प्रक्रिया, बच सकता है पैसा

Neelam Tiwari
By Neelam Tiwari

नीलम तिवारी - सोहागपुर के वरिष्ठ पत्रकार, 40 वर्षों से निष्पक्ष, जनसरोकार और ग्रामीण मुद्दों की निर्...Read More

Latest Posts