सोहागपुर के ग्राम सिंगवाड़ा में करंट से एक मगरमच्छ की मौत का मामला सामने आया। 17 सितंबर को सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। गश्ती दल ने खेत में मृत मगरमच्छ बरामद किया, जिसका पैर जीआई तार और बांस के टुकड़े से बंधा था। मगरमच्छ की लंबाई 148 सेंटीमीटर थी। मौके से पेस्टीसाइड के खाली डिब्बे, नमकीन के पाउच और लगभग 200 फीट बिजली की डोरी भी जब्त की गई।
जांच के दौरान ग्राम सिंगवाड़ा निवासी ओमप्रकाश मर्सकोले और उत्तम उइके को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में दोनों ने कबूल किया कि वे नहर में मछली मारने के लिए बिजली का करंट लगाते थे। उसी दौरान करंट की चपेट में आकर मगरमच्छ की मौत हो गई।
वन विभाग ने दोनों आरोपियों को वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 की धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई वन विभाग की सतर्कता और सक्रिय मुखबिर तंत्र का नतीजा है।
मुख्य वन संरक्षक अशोक कुमार, वनमंडलाधिकारी मयंक गुर्जर और उप वनमंडलाधिकारी मानसिंह मरावी ने कहा कि वन्यजीव संरक्षण के लिए विभाग लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रहा है। यह मामला विभाग की सजगता और तत्परता का उदाहरण है।