आज के डिजिटल समय में सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का जरूरी हिस्सा बन चुका है, लेकिन अब एक नई रिपोर्ट ने इस पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट 2026 के मुताबिक, ज्यादा सोशल मीडिया इस्तेमाल करने से युवाओं की खुशी और मानसिक स्थिति पर नेगेटिव इम्पैक्ट पड़ रहा है।
रिपोर्ट की माने तो, कई देशों में युवाओं की खुशियों में कमी देखी गई है, खासकर 25 साल से कम उम्र के लोगों में। ज्यादा समय सोशल मीडिया पर बिताने से उनकी लाइफ से खुश रहना कम हो रहा है। खास बात ये है कि यह असर सिर्फ समय पर नहीं, बल्कि इस बात पर भी डिपेंड करता है कि सोशल मीडिया का कैसे इस्तेमाल किया जा रहा है।
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रिपोर्ट में बताया गया है कि किशोर लड़कियों पर इसका प्रभाव ज्यादा देखा गया है। बाहर के कई देशों में तो यह समस्या और गंभीर रूप ले चुकी है, जहां युवाओं की खुशी में कमी दर्ज की गई।
जो युवा दिन में कई घंटों सोशल मीडिया पर बिताते हैं, उनमें तनाव, कंपेरिजन और अकेलेपन की भावना ज्यादा देखी गई। खासकर ऐसे प्लेटफॉर्म, जहां लोग दूसरों की लाइफ से खुद को कंपेयर करते हैं, वहां यह असर और बढ़ जाता है।
हालांकि रिपोर्ट यह भी कहती है कि हर देश में असर एक जैसा नहीं है। कुछ जगहों पर सोशल मीडिया लोगों को जोड़ने और सपोर्ट देने का काम भी कर रहा है, यानी इसका प्रभाव पूरी तरह से नेगेटिव नहीं, बल्कि मिला-जुला है। कुल मिलाकर, सोशल मीडिया एक जरूरी टूल है लेकिन इसका ज्यादा और गलत इस्तेमाल युवाओं की खुशी छीन सकता है। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि कम उपयोग और सही कंटेंट का चुनाव ही इस समस्या का हल हो सकता है।