सफर हुआ मुश्किल! मनाली से लेकर नैनीताल तक रेंगती दिखीं गाड़ियां

उत्तर भारत में बढ़ती गर्मी के बीच पहाड़ी राज्यों में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। हिमाचल प्रदेश के मनाली और पार्वती घाटी से लेकर उत्तराखंड के नैनीताल और कैंची धाम तक सड़कों पर भीषण जाम लग गया। वीकेंड पर हजारों वाहन एक साथ पहुंचने से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई और लोगों को घंटों परेशानी झेलनी पड़ी।
मनाली से लेकर नैनीताल तक रेंगती दिखीं गाड़ियां
फाइल फोटो

नैनीताल। भारत में पड़ रही भीषण गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहाड़ी इलाकों का रुख कर रहे हैं लेकिन इसका असर अब सड़कों पर साफ दिखाई देने लगा है। हिमाचल प्रदेश के मनाली, सोलंगनाला, अटल टनल मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में रविवार को भीषण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई। वहीं उत्तराखंड के नैनीताल और कैंची धाम मार्ग भी वाहनों की लंबी कतारों से जूझते रहे। वीकेंड के चलते हजारों पर्यटक एक साथ पहुंच गए, जिससे स्थानीय यातायात व्यवस्था पूरी तरह दबाव में आ गई और कई जगह वाहन घंटों तक रेंगते नजर आए।

मनाली में पर्यटन सीजन

मनाली में पर्यटन सीजन अपने चरम पर है और हर वीकेंड पर बड़ी संख्या में पर्यटक यहां पहुंच रहे हैं। रविवार को स्थिति और भी गंभीर हो गई जब चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे से लेकर शहर के भीतर तक लंबा जाम लग गया। माल रोड, वशिष्ठ, पलचान और सोलंगनाला जैसे प्रमुख पर्यटन स्थलों पर वाहनों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। स्थानीय लोगों का कहना है कि हर साल पर्यटकों की संख्या बढ़ रही है लेकिन सड़क और पार्किंग व्यवस्था में उतना सुधार नहीं हो पाया है, जिससे समस्या लगातार बढ़ती जा रही है।

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अटल टनल और सोलंगनाला मार्ग पर सबसे ज्यादा परेशानी

मनाली में सबसे ज्यादा जाम अटल टनल की ओर जाने वाले रास्ते और सोलंगनाला क्षेत्र में देखने को मिला। पलचान से लेकर सोलंग तक सड़क पर गाड़ियों की लंबी लाइनें लग गईं। कई पर्यटक वाहन घंटों तक एक ही जगह फंसे रहे और धीरे धीरे आगे बढ़ते रहे। इस जाम का असर सिर्फ पर्यटकों पर ही नहीं बल्कि स्थानीय टैक्सी चालकों, छोटे कारोबारियों और स्कूली बच्चों पर भी पड़ा, जिन्हें समय पर अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हुई।

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पार्वती घाटी में पुरानी सड़कें बनी समस्या

कुल्लू जिले की पार्वती घाटी में भुंतर से मणिकर्ण तक जाने वाली सड़क भी भारी जाम से प्रभावित रही। यह मार्ग कई जगहों पर बेहद संकरा है और डबल लेन न होने की वजह से वाहनों की आवाजाही धीमी हो जाती है। सरसाड़ी, जरी, कसोल और आसपास के इलाकों में लगातार ट्रैफिक दबाव बना रहा।

नहीं सुधरी सड़क व्यवस्था

पार्वती घाटी में 2023 की आपदा के दौरान सड़क को भारी नुकसान हुआ था लेकिन उसके बाद भी स्थिति पूरी तरह नहीं सुधर पाई। कई हिस्सों में सड़क आज भी जर्जर हालत में है। बारिश और भूस्खलन के कारण यह मार्ग और भी संवेदनशील हो जाता है। केंद्र सरकार की ओर से मरम्मत के लिए धनराशि जारी किए जाने के बावजूद काम की गति धीमी बताई जा रही है, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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उत्तराखंड में भी हालात गंभीर, कैंची धाम में लंबा जाम

सिर्फ हिमाचल ही नहीं बल्कि उत्तराखंड में भी वीकेंड पर यातायात व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित रही। नैनीताल जिले में स्थित कैंची धाम में श्रद्धालुओं और पर्यटकों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिसके कारण कैंची धाम से निगलाट तक करीब चार किलोमीटर लंबा जाम लग गया। भवाली-अल्मोड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी वाहनों की लंबी कतारें देखी गईं। 

Aditi Rawat
By Aditi Rawat

अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी)| एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारियों...

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