ट्रंप की AI तस्वीर से मचा बवाल!युद्धपोतों के बीच 'कमांडर इन चीफ' के लुक में दिखे, ईरान समझौते पर भी किया बड़ा दावा

वॉशिंगटन डीसी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपनी सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार वजह बनी है एक AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार की गई तस्वीर, जिसे उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर शेयर किया है। तस्वीर में ट्रंप बेहद शक्तिशाली सैन्य अंदाज में नजर आ रहे हैं। खास बात यह है कि यह पोस्ट ऐसे समय आई है जब अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चाएं तेज हैं।
तस्वीर के साथ ट्रंप ने लिखा, You're getting discombobulated, जिसका मतलब है - आप भ्रमित हो रहे हैं। इस एक लाइन ने भी राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
तस्वीर में क्या दिख रहा है?
ट्रंप द्वारा साझा की गई AI जनरेटेड तस्वीर किसी हॉलीवुड फिल्म के युद्ध दृश्य जैसी दिखाई देती है। तस्वीर में अमेरिकी राष्ट्रपति एक विशाल नौसैनिक युद्धपोत के डेक पर खड़े हैं। उनके हाथ में दूरबीन है और वह समुद्र में दूर तक नजरें गड़ाए हुए हैं। उनके पीछे अमेरिकी नौसेना के कई युद्धपोत एक व्यवस्थित फॉर्मेशन में आगे बढ़ते दिखाई दे रहे हैं।
आसमान में कई लड़ाकू विमान तेज गति से उड़ रहे हैं और सफेद धुएं की लंबी लकीरें छोड़ रहे हैं। जहाजों पर लहराते अमेरिकी झंडे और सूर्यास्त का सुनहरा दृश्य तस्वीर को और अधिक नाटकीय बना देता है। पूरे दृश्य में ट्रंप को एक सैन्य कमांडर और 'कमांडर इन चीफ' की भूमिका में प्रस्तुत किया गया है।

अमेरिका-ईरान समझौते के बीच आई पोस्ट
ट्रंप की यह पोस्ट ऐसे समय सामने आई है जब उन्होंने ईरान के साथ संभावित शांति समझौते को लेकर बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि रविवार को एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं, जो भविष्य में ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने का काम करेगा। उन्होंने इसे परमाणु हथियारों के खिलाफ एक मजबूत दीवार बताया है।
ट्रंप के मुताबिक, अगर यह समझौता सफल होता है तो क्षेत्रीय तनाव कम होगा और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य भी सभी देशों के लिए खुल सकता है।
ओबामा के परमाणु समझौते पर फिर साधा निशाना
अपने बयान में ट्रंप ने पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की नीतियों पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा कि ओबामा प्रशासन के दौरान ईरान के साथ हुआ परमाणु समझौता (JCPOA) ईरान को परमाणु हथियारों तक पहुंचने का आसान रास्ता देता था।
ट्रंप ने दावा किया कि, अगर वह समझौता जारी रहता तो ईरान कई साल पहले ही परमाणु हथियार हासिल कर सकता था। उन्होंने कहा कि उनका प्रस्तावित समझौता पूरी तरह अलग है और इसका उद्देश्य ईरान को किसी भी माध्यम से परमाणु हथियार विकसित करने या प्राप्त करने से रोकना है।
होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी किया बड़ा दावा
ट्रंप ने दावा किया कि, प्रस्तावित समझौते पर हस्ताक्षर होने के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य सभी देशों के लिए सामान्य रूप से खुल जाएगा। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक माना जाता है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता है। इसलिए इस क्षेत्र में किसी भी तरह की राजनीतिक या सैन्य गतिविधि का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।
समझौता नहीं हुआ तो अंतिम विकल्प भी तैयार
ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि, अगर शांति समझौता सफल नहीं होता है तो अमेरिका के पास एक अंतिम विकल्प मौजूद है। हालांकि उन्होंने इस विकल्प के बारे में विस्तार से जानकारी नहीं दी, लेकिन उनके बयान को अमेरिका के सख्त रुख के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
ईरान ने ट्रंप के दावे पर जताई असहमति
जहां ट्रंप समझौते को लेकर आशावादी नजर आ रहे हैं, वहीं ईरान ने उनके दावों पर तुरंत सहमति नहीं जताई है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि, रविवार को किसी समझौते पर हस्ताक्षर होने की संभावना नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन समझौते की प्रक्रिया पूरी होने में अभी कुछ और समय लग सकता है। बघाई ने संकेत दिया कि, आने वाले दिनों में प्रगति संभव है, लेकिन तत्काल किसी औपचारिक हस्ताक्षर की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए।
क्यों चर्चा में है ट्रंप की यह पोस्ट?
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने AI से बनी किसी तस्वीर के जरिए राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की हो। लेकिन इस बार तस्वीर का समय और उसका सैन्य संदेश दोनों खास माने जा रहे हैं। एक तरफ पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही है, दूसरी तरफ ट्रंप खुद को एक मजबूत सैन्य नेता के रूप में पेश करते दिखाई दे रहे हैं। यही वजह है कि उनकी यह पोस्ट सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक चर्चा का विषय बन गई है।











