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शॉर्ट सर्किट, खराब वायरिंग या लापरवाही...भोपाल में क्यों बढ़ रहीं आग की घटनाएं? फायर फाइटर ने बताए कारण

भोपाल में पिछले कुछ महीनों के दौरान आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं। फैक्ट्रियों, व्यावसायिक इमारतों, कचरा ट्रांसफर स्टेशनों और बाजारों में लगी आग ने न सिर्फ करोड़ों का नुकसान किया, बल्कि लोगों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर शहर में आग की घटनाएं लगातार क्यों बढ़ रही हैं?
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भोपाल में क्यों बढ़ रहीं आग की घटनाएं? फायर फाइटर ने बताए कारण

एक छोटी सी चिंगारी और देखते ही देखते सब कुछ राख। घर, दुकान, ऑफिस या फैक्ट्री... आग किसी भी जगह लग सकती है और कुछ ही मिनटों में भारी तबाही मचा सकती है। 

भोपाल समेत देशभर में आग लगने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। कहीं शॉर्ट सर्किट की वजह से आग भड़क रही है तो कहीं लोगों की लापरवाही बड़ी दुर्घटनाओं का कारण बन रही है। कई मामलों में लोगों की जान चली जाती है, जबकि करोड़ों रुपए की संपत्ति भी खाक हो जाती है। ऐसे में सवाल यही है कि क्या हम किसी आपात स्थिति का सामना करने के लिए तैयार हैं, या फिर किसी बड़े हादसे के बाद ही चेतेंगे?

गर्मी के मौसम में यह खतरा और बढ़ जाता है। तापमान बढ़ने के साथ बिजली उपकरणों पर दबाव बढ़ता है और छोटी सी चूक भी बड़े हादसे में बदल सकती है। लेकिन सवाल यह है कि अगर अचानक आग लग जाए तो सबसे पहले क्या करना चाहिए? कौन सी गलतियों से बचना चाहिए? और कैसे थोड़ी सी समझदारी आपकी जान बचा सकती है?

भोपाल में हाल के महीनों में आग की बड़ी घटनाएं

पिछले कुछ महीनों में भोपाल में आग लगने की कई बड़ी घटनाएं सामने आई हैं, जिन्होंने फायर सेफ्टी को लेकर चिंता बढ़ा दी है। लगातार हो रहे इन हादसों से साफ है कि आग से बचाव के लिए अधिक सतर्कता और सुरक्षा उपायों की जरूरत है।

  • फरवरी 2026 में कस्तूरबा नगर स्थित एक फैब्रिकेशन फैक्ट्री में भीषण आग लग गई थी। आग इतनी विकराल थी कि उसे बुझाने के लिए 40 से अधिक फायर टेंडरों की मदद लेनी पड़ी।
  • अप्रैल 2026 में अन्ना नगर कचरा ट्रांसफर स्टेशन में आग लग गई। आग पर काबू पाने के लिए फायर ब्रिगेड को करीब 8 घंटे तक लगातार ऑपरेशन चलाना पड़ा।
  • मई 2026 में करोंद क्षेत्र की एक व्यावसायिक इमारत में आग लगने की घटना सामने आई। शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया गया।
  • जून 2026 में लालघाटी स्थित भोज इन और एक कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में भीषण आग लग गई। सूचना मिलते ही कई फायर टेंडर मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।
  • 11 जून 2026 की रात को हलालपुरा पटाखा मार्केट में भीषण आग लग गई। पटाखों और ज्वलनशील सामग्री के कारण आग तेजी से फैल गई। आग बुझाने के लिए 10 दमकल गाड़ियों को कई घंटों तक प्रयास करना पड़ा।

गर्मियों में क्यों बढ़ जाती हैं आग की घटनाएं?

फायर फाइटर पंकज यादव बताते हैं कि गर्मियों में आग लगने के मामलों में काफी बढ़ोतरी देखने को मिलती है। इसका सबसे बड़ा कारण बिजली का अधिक उपयोग और बढ़ता तापमान है।

पुरानी वायरिंग, ढीले कनेक्शन, ओवरलोडेड बिजली बोर्ड और खराब इलेक्ट्रॉनिक उपकरण आग लगने की प्रमुख वजह बनते हैं। कई बार लोग समय पर वायरिंग की जांच नहीं करवाते, जिससे खतरा और बढ़ जाता है। इसके अलावा गैस सिलेंडर की अनदेखी, ज्वलनशील पदार्थों को गलत तरीके से रखना और सुरक्षा नियमों की अनदेखी भी आग की घटनाओं को बढ़ावा देती है।

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आग लगते ही सबसे पहले क्या करें?

आग लगने की स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण बात है घबराना नहीं। अक्सर लोग डर और घबराहट में गलत फैसले ले लेते हैं, जिससे नुकसान और बढ़ जाता है। अगर आग शुरुआती अवस्था में है और सुरक्षित तरीके से बुझाई जा सकती है, तभी उसे नियंत्रित करने की कोशिश करें। लेकिन अगर आग तेजी से फैल रही है तो अपनी जान जोखिम में डालने की गलती न करें।

सबसे पहले आसपास मौजूद लोगों को सतर्क करें और सुरक्षित स्थान पर पहुंचाएं। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचना दें।

फायर एक्सटिंग्विशर का सही इस्तेमाल जानना जरूरी

आज अधिकांश संस्थानों, कार्यालयों और बड़े भवनों में फायर एक्सटिंग्विशर मौजूद हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि उनका सही इस्तेमाल कैसे किया जाता है। सबसे पहले फायर एक्सटिंग्विशर की सेफ्टी पिन निकालें। इसके बाद नोजल को आग के निचले हिस्से यानी बेस की तरफ करें और हैंडल दबाते हुए दाएं-बाएं मूवमेंट में स्प्रे करें।

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ये गलतियां बन सकती हैं बड़ा हादसा

आग लगने पर लोग अक्सर कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जो स्थिति को और खतरनाक बना देती हैं। इन गलतियों से बचें- 

  • बिजली की आग पर पानी न डालें।
  • लिफ्ट का इस्तेमाल बिल्कुल न करें।
  • धुएं में खड़े होकर भागने की कोशिश न करें।
  • गैस सिलेंडर को खुद हटाने की कोशिश न करें।
  • बिना सुरक्षा उपकरण के आग बुझाने न जाएं।
  • भीड़ लगाकर तमाशा देखने से बचें।

धुएं से बचना भी उतना ही जरूरी

आग से ज्यादा खतरनाक उसका धुआं होता है। कई बार लोग आग की लपटों से नहीं, बल्कि धुएं में दम घुटने की वजह से अपनी जान गंवा देते हैं। अगर किसी इमारत में धुआं भर जाए तो नीचे झुककर या घुटनों के बल चलते हुए बाहर निकलें। नाक और मुंह को गीले कपड़े से ढंक लें।

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आग से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय

फायर फाइटर का मानना है कि आग लगने की घटनाओं को काफी हद तक रोका जा सकता है, यदि लोग पहले से सतर्क रहें। सुरक्षा के आसान उपाय- 

  • समय-समय पर बिजली की वायरिंग की जांच करवाएं।
  • खराब स्विच और उपकरण तुरंत बदलें।
  • गैस पाइप और सिलेंडर की नियमित जांच करें।
  • घर और ऑफिस में फायर एक्सटिंग्विशर रखें।
  • बच्चों को माचिस और ज्वलनशील वस्तुओं से दूर रखें।
  • आपातकालीन निकास मार्ग हमेशा खुला रखें।
  • परिवार और कर्मचारियों को सुरक्षा नियमों की जानकारी दें।

ट्रैफिक बन रहा है सबसे बड़ी चुनौती

आग लगने की घटना में हर सेकंड कीमती होता है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां जितनी जल्दी मौके पर पहुंचती हैं, नुकसान को उतना ही कम किया जा सकता है। लेकिन भोपाल जैसे तेजी से बढ़ते शहर में ट्रैफिक जाम अब फायर विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।

शहर के कई प्रमुख मार्गों पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। खासकर पीक ऑवर्स में सड़कों पर लंबा जाम लग जाता है, जिससे फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने में देरी होती है। कई बार कुछ मिनटों की यह देरी आग को विकराल रूप दे देती है।

पुराने शहर के संकरे रास्ते, बाजार क्षेत्रों में अवैध पार्किंग और सड़कों पर बढ़ता अतिक्रमण भी राहत एवं बचाव कार्य में बाधा बनता है। चौक बाजार, इतवारा, जुमेराती और अन्य घनी आबादी वाले इलाकों में बड़ी फायर टेंडर गाड़ियों का पहुंचना कई बार मुश्किल हो जाता है।

फायर अधिकारियों के अनुसार, जब सायरन बजाती हुई फायर ब्रिगेड की गाड़ी सड़क पर निकलती है, तब भी कई वाहन चालक समय पर रास्ता नहीं देते। कुछ लोग जल्दबाजी में गलत दिशा में वाहन मोड़ देते हैं, जिससे और अधिक अव्यवस्था पैदा हो जाती है। ऐसी स्थिति में फायर टीम को घटनास्थल तक पहुंचने में ज्यादा समय लग जाता है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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