सिवनी। गरीब गांववाले की टपरिया (झोपड़ी) को अतिक्रमण बताकर पहले तो तोड़ने का डर दिखाया और फिर मरम्मत करवाने के लिए राशि मंजूर करवाने के बदले 15 हजार रुपए की रिश्वत ले रहे सरपंच को ईओडब्ल्यू (आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ) जबलपुर की टीम ने रंगे हाथों धर दबोचा। मामला सिवनी जिले की ग्राम पंचायल पलारी का है।
दरअसल इस बारे में शिकायतकर्ता शिवचरण नागवंशी पिता नंदकुमार नागवंशी निवासी, जान्हवी नगर, चुनाभट्टी के पास, ग्राम पलारी, सिवनी, जिला सिवनी ने ईओडब्ल्यू जबलपुर में शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार आवेदक शिवचरण नागवंशी की टपरिया की मरम्मत सरपंच रामगोपाल डेहरिया नहीं होने दे रहा था, जहां वह चार-पांच साल से रह रहा था। सरपंच का कहना था कि टपरिया सरकारी जमीन पर बनी है, जिससे मरम्मत तो दूर की बात रही, टपरिया को अतिक्रमण मानकर तोड़ा जाएगा। यह धमकी सरपंच लगातार दे रहा था, जिससे भयभीत हो कर आवेदक ने सरपंच से अपनी टपरिया नहीं तोड़ने की गुजारिश की। तब सरपंच ने उससे रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद मामला 15 हजार रुपए में तय हो गया, जिसके बाद सरपंच ने भरोसा दिलाया कि रिश्वत लेने के बाद टपरिया नहीं तुड़वाएगा और मरम्मत करवाने के लिए राशि भी मंजूर करवा देगा।
इस शिकायत का पुलिस अधीक्षक ईओडब्ल्यू जबलपुर अनिल विश्वकर्मा ने सत्यापन करवाया तो सही पाई गई। इसके बाद ट्रैप टीम का गठन करके सोमवार को रिश्वत देने का आरोपी सरपंच से तय किया गया और आवेदक वहां पहुंचा। इसके बाद जैसे ही आवेदक शिवचरण नागवंशी ने आरोपी सरपंच रामगोपाल डेहरिया को रिश्वत के 15 हजार रुपए दिए, वैसे ही ईओडब्ल्यू की टीम ने उसको पकड़ लिया। इसके बाद आरोपी सरपंच के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई।
गरीब ग्रामीण की टपरिया को तोड़ने का दबाव बनाने के बाद मरम्मत के लिए राशि मंजूर करवाने के बदले 15 हजार रुपए की रिश्वत लेते ग्राम पंचायत पलारी के सरपंच रामगोपाल डेहरिया को पकड़ा गया है। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।
अनिल विश्वकर्मा, पुलिस अधीक्षक, ईओडब्ल्यू, जबलपुर