Shivani Gupta
22 Jan 2026
26 वर्षीय सिमरन बाला इस बार गणतंत्र दिवस पर एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल करने जा रही हैं। वे पहली बार एक पूरी पुरुष टुकड़ी (140 जवानों) का नेतृत्व करने वाली महिला अधिकारी बनेंगी। यह उपलब्धि न केवल उनके लिए बल्कि पूरे देश के लिए गर्व की बात है।
सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के सीमावर्ती कस्बे नौशेरा की रहने वाली हैं। उनका बचपन पाकिस्तान की तरफ से होने वाली गोलाबारी और गोलीबारी के बीच गुजरा। इसी कठिन माहौल ने उन्हें मजबूत बनाया और उन्होंने इसे अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि अपनी ताकत बनाया।
वहीं से उन्होंने अपने सपनों को साकार करने की ठानी और CRPF में अधिकारी बनने का लक्ष्य रखा। आज वह अपने जिले की पहली महिला CRPF अधिकारी बनने का गौरव भी हासिल कर चुकी हैं।
सिमरन ने 2023 में UPSC की CAPF परीक्षा पास की। उनकी मेहनत और तैयारी का परिणाम यह रहा कि उन्होंने 82वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल की। इसके बाद उन्होंने CRPF जॉइन किया और सेवा के क्षेत्र में कदम रखा।
कमिशन मिलने के तुरंत बाद सिमरन को छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित क्षेत्र में तैनात किया गया। वह बस्तरिया बटालियन का हिस्सा बनीं, जो नक्सल विरोधी ऑपरेशनों के लिए प्रसिद्ध है। घने जंगल, कठिन रास्ते और खतरों भरी परिस्थितियों में काम करना आसान नहीं होता, लेकिन सिमरन ने इसे अपनी पहचान बनाया।
उनकी बहादुरी और साहस का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्हें शुरुआती दिनों में ही चुनौतीपूर्ण क्षेत्र में भेजा गया। यही अनुभव उन्हें अब गणतंत्र दिवस परेड में मजबूत बनाकर खड़ा करेगा।
CRPF भारत का सबसे बड़ा आंतरिक सुरक्षा बल है। सिमरन जिस मार्चिंग टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी, उसमें 140 से अधिक पुरुष जवान शामिल हैं। यह टुकड़ी देश की एकता और संप्रभुता का प्रतीक मानी जाती है। ऐसे में एक महिला अधिकारी का इस टुकड़ी की कमान संभालना एक नई मिसाल है। गणतंत्र दिवस परेड में सिमरन की उपस्थिति एक प्रेरणादायक संदेश देगी कि भारतीय बेटियां हर मोर्चे पर पुरुषों से पीछे नहीं हैं।
इस बार गणतंत्र दिवस परेड में सिर्फ सिमरन बाला ही नहीं, बल्कि CRPF और SSB की महिला डेयर डेविल्स टीम भी हिस्सा लेगी। ये महिलाएं एनफील्ड बुलेट पर स्टंट करती हैं और अपनी बहादुरी से सबको चौंका देती हैं। इससे पहले 2020 में भी इनकी टीम ने अपनी ताकत और कौशल का प्रदर्शन किया था।
इस बार सिमरन बाला की टुकड़ी और महिला डेयर डेविल्स का प्रदर्शन मिलकर गणतंत्र दिवस को नारी शक्ति के नाम समर्पित उत्सव जैसा बनाएगा।
सिमरन को ऑल-मेल टुकड़ी की कमान सौंपने का फैसला गणतंत्र दिवस की रिहर्सल के दौरान उनके शानदार प्रदर्शन के बाद लिया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने उनकी आत्मविश्वास भरी कमांड, ड्रिल में सटीकता और टुकड़ी पर नियंत्रण को देखा और उन्हें यह ऐतिहासिक जिम्मेदारी सौंपी।
सिमरन बाला की यह उपलब्धि सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि भारतीय समाज में बढ़ती महिला भागीदारी का प्रतीक है। यह साबित करता है कि महिलाएं किसी भी चुनौती को पार कर सकती हैं और हर क्षेत्र में अपना नाम रोशन कर सकती हैं।