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मटकी फोड़ की तैयारी तेज, सिद्धपुर में सजेगा मिनी वृंदावन; ग्वालटोली की टीम पहली बार दिखाएगी दमखम

6 सितंबर को सिद्धपुर में प्रादेशिक सनातनी मटकी फोड़ महोत्सव होगा। प्रदेशभर की टीमें मानव पिरामिड बनाकर मटकी फोड़ेंगी। सीहोर ग्वालटोली की टीम पहली बार मैदान में उतरेगी।
मटकी फोड़ की तैयारी तेज, सिद्धपुर में सजेगा मिनी वृंदावन; ग्वालटोली की टीम पहली बार दिखाएगी दमखम
मटकी फोड़ की तैयारी तेज

सीहोर। जन्माष्टमी के पर्व पर इस बार सिद्धपुर सिर्फ भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में ही नहीं रंगेगा, बल्कि यहां युवाओं की ताकत, साहस और टीमवर्क का रोमांच भी देखने को मिलेगा। 6 सितंबर की शाम 5 बजे बस स्टैंड परिसर में होने वाले प्रादेशिक सनातनी मटकी फोड़ महोत्सव को लेकर तैयारियां अब अंतिम दौर की ओर बढ़ रही हैं। आयोजन को लेकर प्रदेशभर की मटकी फोड़ टीमों में उत्साह है और अलग-अलग क्षेत्रों से टीमें अपना पंजीयन करा रही हैं।

एक दर्जन के करीब टीमों का पंजीयन

आयोजन समिति के अनुसार अभी तक प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से करीब एक दर्जन टीमों ने मटकी फोड़ महोत्सव में शामिल होने के लिए पंजीयन कराया है। आने वाले दिनों में टीमों की संख्या और बढ़ने की संभावना है। भोपाल, बैरसिया, मैना, आमाझिर सहित कई क्षेत्रों की टीमें सिद्धपुर पहुंचकर अपनी ताकत और तालमेल का प्रदर्शन करेंगी। ऐसे में जन्माष्टमी की शाम सिद्धपुर में प्रदेशस्तरीय मुकाबले का रोमांच देखने को मिलेगा।

पहली बार मैदान में उतरेगी ग्वालटोली की टीम

इस आयोजन का स्थानीय स्तर पर सबसे बड़ा आकर्षण सीहोर नगर के ग्वालटोली क्षेत्र की टीम होगी। ग्वालटोली की टीम पहली बार इस बड़े मटकी फोड़ आयोजन में अपनी भागीदारी दर्ज कराने जा रही है। स्थानीय युवाओं के बीच इसे लेकर खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। टीम के सदस्य मटकी तक पहुंचने के लिए अभ्यास और आपसी तालमेल को मजबूत करने में जुटे हैं। स्थानीय टीम की भागीदारी से आयोजन को सीहोर शहर से भी सीधा जुड़ाव मिलेगा।

कंधों पर चढ़कर लक्ष्य तक पहुंचेगी टोली

मटकी फोड़ सिर्फ ताकत का खेल नहीं बल्कि भरोसे और एकजुटता की परीक्षा भी होगी। ऊंचाई पर बांधी गई मटकी तक पहुंचने के लिए युवा एक-दूसरे के कंधों पर चढ़कर मानव पिरामिड बनाएंगे। सबसे ऊपर पहुंचने वाला सदस्य मटकी फोड़कर अपनी टीम को जीत दिलाने का प्रयास करेगा। नीचे खड़े सदस्यों का संतुलन जरा भी बिगड़ा तो पूरी संरचना प्रभावित हो सकती है। यही वजह है कि हर टीम में अभ्यास के साथ अनुशासन और आपसी विश्वास पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

मटकी फूटेगी तो जयकारों से गूंजेगा सिद्धपुर

जैसे-जैसे मानव पिरामिड मटकी की ओर बढ़ेगा, वैसे-वैसे दर्शकों की धड़कनें भी बढ़ती जाएंगी। मटकी फूटते ही पूरा बस स्टैंड परिसर ‘जय श्रीकृष्ण’ और ‘कान्हा की जय’ के जयकारों से गूंज उठेगा। आयोजकों का प्रयास है कि प्रतियोगिता के साथ ऐसा भक्तिमय वातावरण तैयार किया जाए, जिसमें आने वाले श्रद्धालुओं और दर्शकों को ब्रज की गलियों जैसा अहसास हो।

युवा शक्ति को संस्कृति से जोड़ने की पहल

आयोजकों का कहना है कि महोत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन या प्रतियोगिता कराना नहीं है। इसके जरिए युवाओं को भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, माखन-मटकी की परंपरा और भारतीय संस्कृति से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। आधुनिक दौर में युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा देने और उन्हें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने के लिए ऐसे आयोजनों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

सिद्धपुर में दिखेगा मिनी वृंदावन का नजारा

जन्माष्टमी की शाम सिद्धपुर को भक्तिमय स्वरूप देने की तैयारी है। आयोजन स्थल पर कृष्ण भक्ति से जुड़े गीत, जयकारे और धार्मिक वातावरण के बीच जब अलग-अलग शहरों की टीमें मटकी फोड़ने उतरेंगी तो पूरा माहौल उत्सव में बदल जाएगा। आयोजकों की मंशा है कि सिद्धपुर आने वाला हर व्यक्ति यहां सिर्फ प्रतियोगिता न देखे, बल्कि कृष्ण भक्ति और सनातन परंपरा से भी भावनात्मक रूप से जुड़ सके।

गांवों और शहरों की टीमों से संपर्क जारी

आयोजन को अधिक व्यापक बनाने के लिए समिति की ओर से लगातार संपर्क अभियान चलाया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों और शहरों की संभावित टीमों से संपर्क कर उन्हें महोत्सव में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है। आयोजन समिति चाहती है कि मध्यप्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों की अधिक से अधिक युवा टीमें सिद्धपुर पहुंचें और इस आयोजन को प्रदेशस्तरीय पहचान मिले।

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व्यवस्थाओं को लेकर भी तैयारी

बाहर से आने वाली टीमों और बड़ी संख्या में दर्शकों को देखते हुए आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है। टीमों के स्वागत, पार्किंग, दर्शकों की सुविधा, भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर आयोजन समिति स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। उद्देश्य है कि श्रद्धा और रोमांच से भरा कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो।

विवेक राठौर के नेतृत्व में आयोजन की तैयारी

प्रांत टोली सदस्य विवेक राठौर और नगर पालिका अध्यक्ष प्रिंस राठौर के नेतृत्व में आयोजन समिति तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। टीमों के पंजीयन से लेकर आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं तक लगातार बैठकें और संपर्क अभियान चल रहे हैं। समिति के सामने अब चुनौती आयोजन को भव्य बनाने के साथ-साथ सभी टीमों और दर्शकों के लिए बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने की है।

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यह केवल मटकी फोड़ नहीं, संस्कार और संस्कृति का उत्सव

विवेक राठौर के अनुसार सनातनी मटकी फोड़ महोत्सव को केवल एक प्रतियोगिता के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। इसके पीछे युवाओं को भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का उद्देश्य है। युवा शक्ति में अपार ऊर्जा है। यदि इस ऊर्जा को संस्कृति, समाज और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ा जाए तो उसका प्रभाव लंबे समय तक दिखाई देता है।

Sunil Sharma
By Sunil Sharma

सुनील शर्मा, सीहोर जिला ब्यूरो, पीपुल्स समाचार ढाई दशक से पत्रकारिता में सक्रिय। दैनिक भास्कर, पत्रि...Read More

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