रायसेन कलेक्टर के निर्देश पर शिक्षक संतोष रजक हटाए गए, फीस वसूली के आरोपों के बाद प्रशासन की कार्रवाई

शहर के शासकीय हाई स्कूल गुंदरेई कॉलोनी में विद्यार्थियों से कथित फीस वसूली, धमकाने और स्कूल की व्यवस्थाओं में अनियमितताओं की शिकायत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। विद्यार्थियों के करीब पांच घंटे तक चले धरने और एसडीएम के निरीक्षण के बाद तैयार जांच रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने संबंधित शिक्षक को स्कूल से हटाने के निर्देश दिए। इसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी डी.डी. रजक ने शिक्षक संतोष रजक को स्कूल से हटा दिया। उनकी जगह शिक्षक मलखान सिंह राजपूत को स्कूल का प्रभार सौंपा गया है।
पांच घंटे तक चला छात्रों का धरना
मामला मंगलवार को सामने आया, जब विद्यार्थी परिषद के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने स्कूल परिसर में धरना शुरू किया। करीब पांच घंटे चले प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने शिक्षक संतोष रजक पर कई आरोप लगाए। विद्यार्थियों का कहना था कि उनसे फीस के नाम पर 3-3 हजार रुपए तक की राशि ली गई, लेकिन इसके बदले रसीद नहीं दी गई। छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि फीस को लेकर सवाल करने या विरोध करने पर उन्हें धमकाया जाता था। शिकायत सामने आने के बाद मामला प्रशासन तक पहुंचा।
एसडीएम ने स्कूल पहुंचकर सुनी छात्रों की शिकायतें
विद्यार्थियों के धरने की जानकारी मिलने पर एसडीएम मनीष शर्मा स्कूल पहुंचे। उन्होंने छात्रों से बातचीत कर उनकी शिकायतें सुनीं। इसके बाद स्कूल परिसर का निरीक्षण भी किया गया। निरीक्षण के दौरान स्कूल की व्यवस्थाओं से जुड़ी कई कमियां सामने आने की बात कही गई। इनमें टूटे हुए शौचालय और लंबे समय से बंद पड़ी प्रयोगशाला प्रमुख रूप से शामिल हैं। बताया गया कि प्रयोगशाला करीब दो साल से बंद है। एसडीएम ने मौके पर मिली जानकारी और विद्यार्थियों की शिकायतों के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर कलेक्टर को भेजी।
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जांच रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को हटाया
प्रशासन की ओर से तैयार रिपोर्ट में विद्यार्थियों की शिकायतों के साथ स्कूल में सामने आई व्यवस्थागत कमियों का भी उल्लेख किया गया। रिपोर्ट के आधार पर कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा ने संबंधित शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधिकारी डी.डी. रजक ने बुधवार देर शाम शिक्षक संतोष रजक को स्कूल से हटा दिया। उनकी जगह शिक्षक मलखान सिंह राजपूत को विद्यालय का प्रभार सौंपा गया है।
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फीस वसूली के आरोपों की जांच से स्थिति होगी स्पष्ट
प्रशासन की कार्रवाई के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों को स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, विद्यार्थियों द्वारा लगाए गए फीस वसूली और धमकाने के आरोपों से जुड़ी पूरी स्थिति जांच की प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगी। वहीं स्कूल में शौचालय, प्रयोगशाला और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति को लेकर भी अब प्रशासन की निगरानी महत्वपूर्ण होगी। इस कार्रवाई के बाद विद्यार्थियों और अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के साथ-साथ स्कूल की व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद की जा रही है।




















