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शिवराज सिंह का पलटवार...नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून पर कांग्रेस का शोर केवल राजनीति है

कांग्रेस के मनरेगा बचाओ आंदोलन को लेकर केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहा रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का शोर केवल राजनीति है।
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शिवराज सिंह का पलटवार...नए ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून पर कांग्रेस का शोर केवल राजनीति है
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शनिवार को कहा कि ग्रामीण रोजगार गारंटी का कानून पहले से बेहतर तथा पिछड़ी ग्राम पंचायतों के लिए अधिक फायदेमंद है और इसके विरुद्ध कांग्रेस का शोर सिर्फ राजनीतिक है। चौहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'हर पंचायत एक जैसी नहीं है। जो पंचायतें सबसे अधिक पिछड़ी हैं, जहां आज भी रोजगार की सख्त आवश्यकता है और बुनियादी ढांचे की कमी है, वहां अधिक निधि, अधिक सहायता और अधिक अवसर पहुंचें, इसकी भी व्यवस्था की गई है।' 

    कांग्रेस ने मनरेगा का बजट कम किया

    उन्होंने कहा कि, 'कांग्रेस के पास न नीयत थी, न नीति। यह वही कांग्रेस है जिसने चुनावी फायदे के लिए इस योजना के साथ महात्मा गांधी का नाम जोड़ा। यह वही कांग्रेस है, जिसने समय-समय पर मनरेगा का बजट कम किया। यह वही कांग्रेस है, जिसने मजदूरी फ्रीज की। आज कांग्रेसी घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।

    मजदूरी नहीं तो बेरोजगारी भत्ते का प्रावधान

    केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री ने कहा, आज जब तकनीक, पारदर्शिता और समय पर भुगतान के जरिए यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि पैसा सीधे मेहनतकश के खाते में पहुंचे, तो कांग्रेस को इसमें हमला नजर आता है। इस योजना में तय किया गया है कि फैसले अब दिल्ली से नहीं, बल्कि गांव से निकलेंगे। ग्राम पंचायतें बैठ कर अपने प्लान स्वयं बनाएंगी। उन्होंने कहा कि इस योजना में रोजगार गारंटी बढ़ायी गई है और एक ग्रामीण परिवार को साल में 125 दिन के काम की गरंटी दी गई जो अब तक 100 दिन की थी। तय समय में काम न मिलने पर बेरोजगारी भत्ता देने और मज़दूरी भुगतान में देरी पर मुआवज़े का प्रावधान है। इस तरह नए कानून में, साफ है रोजगार सुरक्षा घट नहीं रही, बल्कि बढ़ रही है।

    पंचायत के अधिकार सशक्त हो रहे

    चौहान ने कहा, ग्राम सभा और पंचायत के अधिकार कमजोर नहीं, बल्कि और सशक्त हो रहे हैं। कार्यों की पहचान और उनकी प्राथमिकता ग्राम सभा तय करेगी। क्रियान्वयन, निगरानी और गुणवत्ता की ज़िम्मेदारी स्थानीय स्तर पर सुनिश्चित की गई है। साथ ही सोशल ऑडिट को अनिवार्य बनाकर खर्च और भुगतान की सार्वजनिक समीक्षा का प्रावधान किया गया है। महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी पर विशेष बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि जो पंचायतें सबसे अधिक पिछड़ी हैं, जहां रोजगार की ज्यादा जरूरत है वहां के लिए अधिक निधि, अधिक सहायता और अधिक अवसर सुलभ कराने की व्यवस्था की गई है। 

    कांग्रेस ने की आंदोलन की घोषणा

    उल्लेखनीय है कि कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक में 'मनरेगा' की जगह बनाए गए 'विकसित भारत जी राम जी' कानून को गरीब विरोधी तथा राज्यों के विरुद्ध बताते हुए इस के लिए आंदोलन चलाने का प्रस्ताव पारित किया गया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा है कि मोदी सरकार ने गरीबों को दबाने और कुचलने के लिए मनरेगा को खत्म कर नया कानून बनाया है और इसके खिलाफ कांग्रेस 5 जनवरी से पूरे देश में बड़े स्तर पर व्यापक आंदोलन शुरू करेगी। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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