शिवपुरी में कोचिंग संचालकों की हड़ताल:कलेक्टर को दिया ज्ञापन, फायर सेफ्टी नियमों को लेकर स्पष्ट गाइडलाइन की मांग

शिवपुरी। 26 से अधिक कोचिंग सेंटरों पर प्रशासनिक कार्रवाई के बाद संचालकों में नाराजगी बढ़ गई है। संचालकों का कहना है कि बिना स्पष्ट दिशा-निर्देशों के कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपा और लिखित गाइडलाइन जारी करने की मांग की है। वहीं कोचिंग बंद होने से छात्रों और अभिभावकों की चिंता भी बढ़ गई है।
26 कोचिंग सेंटरों पर कार्रवाई
शिवपुरी में प्रशासन द्वारा कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्थाओं की लगातार जांच की जा रही है। इस दौरान सुरक्षा मानकों में कमी मिलने पर 26 से अधिक कोचिंग सेंटरों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। कई संस्थानों को सील भी किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विरोध में एकजुट हुए कोचिंग संचालक
प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में जिले के कोचिंग संचालक एक मंच पर आ गए हैं। सभी संचालक कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्रवाई से पहले स्पष्ट दिशा-निर्देश उपलब्ध नहीं कराए गए। इसी कारण संस्थानों को संचालन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लिखित गाइडलाइन की कर रहे मांग
कोचिंग संचालकों का कहना है कि प्रशासन को सुरक्षा मानकों को लेकर स्पष्ट और लिखित निर्देश जारी करने चाहिए। उनका तर्क है कि बिना स्पष्ट नियमों के कार्रवाई किए जाने से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। संचालकों ने विशेष रूप से फायर सेफ्टी और अन्य आवश्यक प्रावधानों को लेकर स्पष्टता मांगी है। इसके लिए उन्होंने प्रशासन से गाइडलाइन जारी करने का आग्रह किया है।
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अनिश्चितकालीन हड़ताल का किया ऐलान
अपनी मांगों को लेकर कोचिंग संचालकों ने सभी संस्थानों को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने की घोषणा कर दी है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी नहीं करेगा, तब तक संस्थानों का संचालन संभव नहीं है। इस फैसले के बाद जिले में ज्यादातर कोचिंग सेंटरों में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित हो गई हैं। इससे शिक्षा व्यवस्था पर भी असर दिखाई देने लगा है।
छात्रों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
कोचिंग संस्थानों के बंद होने का सबसे अधिक असर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों पर पड़ रहा है। जिले में बड़ी संख्या में विद्यार्थी NEET, JEE, SSC, बैंकिंग, पुलिस भर्ती और शिक्षक भर्ती जैसी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निजी कोचिंग संस्थानों पर निर्भर हैं। बीच सत्र में पढ़ाई रुकने से छात्रों और अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है।












