MP High Court : ब्राह्मणों के खिलाफ आपत्तिजनक बयान देने वाले IAS संतोष वर्मा पर NSA लगाने की मांग, हाईकोर्ट में फैसला सुरक्षित

जबलपुर। मप्र हाईकोर्ट में दाखिल एक जनहित याचिका में मध्यप्रदेश कैडर के वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष वर्मा के खिलाफ FIR दर्ज करने और NSA की कार्रवाई किए जाने की राहत चाही गई है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि अजाक्स का प्रदेश अध्यक्ष बनते ही उन्होंने ब्राह्मण समाज के खिलाफ काफी विवादित टिप्पणी की थी। उनका बयान भड़काऊ और समाज में विद्वेष फैलाने वाला था, इसलिए उनके खिलाफ कार्रवाई होना ही चाहिए। गुरुवार को मामले पर सुनवाई के बाद एक्टिंग चीफ जस्टिस विवेक रूसिया और जस्टिस विजय कुमार शुक्ला की डिवीजन बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।
वर्मा ने अजाक्स के कार्यक्रम में की थी विवादित टिप्पणी
जबलपुर के विजय नगर में रहने वाले अधिवक्ता अभिषेक दुबे की ओर से दाखिल इस जनहित याचिका में कहा गया है कि 23 नवंबर 2025 को अजाक्स का प्रदेश अध्यक्ष बनने के तुरंत बाद आईएएस संतोष वर्मा ने ब्राह्मण समुदाय को लेकर एक अत्यंत विवादित और जाति-केंद्रित टिप्पणी की थी। याचिका में इस बात का विशेष रूप से उल्लेख किया गया है कि एक जिम्मेदार आईएएस के इस कथित बयान से न केवल मध्यप्रदेश बल्कि पूरे देश के ब्राह्मण समाज में गहरा आक्रोश, अपमान और नाराजगी छा गई थी।
ये भी पढ़ें: MP High Court : कार्तिकेय चौहान ने स्वीकारा राहुल गांधी का खेद, मानहानि का मामला समाप्त
...ताकि जिम्मेदार व्यक्ति ऐसे बयान देने से बचें
उनका बयान पूरे सोशल मीडिया पर वायरल भी हुआ था। ऐसे में उनके खिलाफ FIR और NSA जैसी सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि जिम्मेदार व्यक्ति ऐसे बयान देने से बचें। मामले पर हुई सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने अपना पक्ष स्वयं रखा, जबकि राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ता अनुभव जैन हाजिर हुए। सुनवाई के बाद बेंच ने अपना फैसला सुरक्षित रखने के निर्देश दिए।












