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शिवाजी जयंती पर शिवनेरी किले में भगदड़ :महिला-बच्चों समेत कई घायल, रास्ता संकरा होने से जमा हुई भीड़

शिवाजी जयंती पर पुणे के जुन्नर स्थित शिवनेरी किले में भारी भीड़ के कारण भगदड़ जैसे हालात बन गए। संकरे रास्तों और कमजोर सुरक्षा व्यवस्था के चलते 20 श्रद्धालु घायल हो गए। घायलों का इलाज जारी है, जबकि प्रशासन की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं।
महिला-बच्चों समेत कई घायल, रास्ता संकरा होने से जमा हुई भीड़
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पुणे। छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के मौके पर जहां श्रद्धा और उत्साह का माहौल होना चाहिए था, वहीं महाराष्ट्र के शिवनेरी किले में बुधवार रात अव्यवस्था देखने को मिली। भारी भीड़ और कमजोर सुरक्षा इंतजामों के कारण किले के संकरे रास्तों पर भगदड़ जैसे हालात बन गए। इस घटना में महिलाएं और बच्चे समेत करीब 20 लोग घायल हो गए।

    शिवाजी जयंती पर शिवनेरी किले में बिगड़े हालात

    महाराष्ट्र के पुणे जिले के जुन्नर तालुका में स्थित शिवनेरी किले पर छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। राज्य के अलग-अलग हिस्सों से शिवज्योत लेकर आए युवक, सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता और आम श्रद्धालु देर रात से ही किले परिसर में मौजूद थे। भीड़ लगातार बढ़ती चली गई और एक समय पर स्थिति संभालना मुश्किल हो गई।

    संकरे रास्तों पर उमड़ी भीड़, मची अफरा-तफरी

    हादसा उस वक्त हुआ जब हजारों लोग एक साथ किले के अंदर प्रवेश करने लगे। अंबरखाना क्षेत्र के नीचे स्थित हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा जैसे संकरे रास्तों पर अचानक भीड़ का दबाव बढ़ गया। रास्ते पहले से ही तंग थे और पर्याप्त पुलिस बल मौजूद नहीं होने के कारण भीड़ को नियंत्रित नहीं किया जा सका। इसी दौरान लोग एक-दूसरे से टकराने लगे और भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

    महिलाएं और बच्चे हुए घायल

    अफरा-तफरी के दौरान कई महिलाएं और छोटे बच्चे जमीन पर गिर पड़े। इस घटना में करीब 20 लोग घायल हुए हैं। मौके पर मौजूद लोगों के अनुसार, कुछ समय के लिए डर का माहौल बन गया था। घटना के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन ने घायलों को जुन्नर के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के मुताबिक सभी घायलों को मामूली चोटें आई हैं और उनकी हालत स्थिर है।

    प्रशासन की तैयारी पर उठे सवाल

    हर साल शिवजयंती के मौके पर शिवनेरी किले में बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। इसके बावजूद इस बार भीड़ प्रबंधन को लेकर पर्याप्त तैयारी नहीं दिखी।

    स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का कहना है कि, इतने बड़े आयोजन के लिए पहले से एंट्री-एग्जिट रूट तय होना चाहिए था और संकरे रास्तों पर अतिरिक्त पुलिस बल और बैरिकेडिंग जरूरी थी। इस घटना के बाद प्रशासनिक इंतजामों पर सवाल उठने लगे हैं।

    फिलहाल हालात सामान्य

    घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित कर लिया है। फिलहाल किले परिसर में हालात सामान्य बताए जा रहे हैं। प्रशासन की ओर से कहा गया है कि, भविष्य में ऐसे आयोजनों के दौरान सुरक्षा और भीड़ नियंत्रण के लिए बेहतर योजना बनाई जाएगी।

    शिवनेरी किले का ऐतिहासिक महत्व

    शिवनेरी किला महाराष्ट्र का एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। यहीं 19 फरवरी 1630 को छत्रपति शिवाजी महाराज का जन्म हुआ था। किले में शिवाई देवी का मंदिर, शिवाजी महाराज का जन्मस्थान, जलाशय और पुराने सैनिक आवास आज भी देखे जा सकते हैं। शिवनेरी तक पहुंचने के लिए सीढ़ियों और कई दरवाजों से होकर जाना पड़ता है, जिनमें हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा प्रमुख हैं।

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    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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