MP Weather Update :प्रदेश में बेमौसम बारिश... ठंडी हवाओं ने बढ़ाई सर्दी, आने वाले दिनों में कैसा रहेगा मौसम?

भोपाल। मध्य प्रदेश का मौसम फरवरी के महीने में एक बार फिर करवट ले चुका है। इस साल तीसरी बार राज्य के कई जिलों में अचानक बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे आम लोग और किसान दोनों ही चिंतित हैं। राजधानी भोपाल, ग्वालियर, इंदौर और उज्जैन में तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ बौछारें हुईं। अचानक बदलाव से तापमान में गिरावट आई और रात में ठंड बढ़ गई। खेतों में खड़ी फसलें आड़ी-तिरछी गिर गईं, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आई।
अचानक क्यों बदला मौसम
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मध्य प्रदेश में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम एक्टिव है। इसके साथ ही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस और ट्रफ भी सक्रिय हैं, जो मौसम में अचानक बदलाव के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
- 18 फरवरी को राज्य के लगभग 20 जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई।
- भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन, रतलाम और मंदसौर में दिनभर धूप खिलने के बाद अचानक मौसम बिगड़ा।
- मौसम विभाग ने ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना जिलों में अलर्ट जारी किया।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह साइक्लोनिक सर्कुलेशन पश्चिमी राजस्थान और मध्य प्रदेश पर सक्रिय है और इसके प्रभाव से आने वाले दो दिनों में मौसम में उतार-चढ़ाव बने रहेंगे।
बारिश और ओले का असर
- बेमौसम बारिश और ओले ने आम जनता और किसानों दोनों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
- राजधानी भोपाल में बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ लगभग डेढ़ घंटे तक तेज और हल्की बारिश हुई।
- इंदौर, ग्वालियर, उज्जैन और रतलाम में दिनभर मौसम गर्म रहने के बाद रात को अचानक बारिश और ओले गिरे।
- ठंडी हवाओं के कारण दिन के तापमान में गिरावट आई और रात में ठंड बढ़ गई।
किसानों की चिंता:
- गेहूं, चना और सरसों जैसी फसलें कटाई के लिए तैयार थीं।
- तेज हवाओं और ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलें आड़ी-तिरछी गिर गईं।
- कुछ क्षेत्रों में फसल की गुणवत्ता और उत्पादन पर असर पड़ने की संभावना जताई गई है।
- किसानों ने प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है।
प्रभावित जिले और अलर्ट
मौसम विभाग ने गुरुवार को आठ जिलों में बारिश और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया।
इन जिलों में अलर्ट जारी
ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना
इन जिलों में हुई बारिश
भोपाल, दतिया, गुना, ग्वालियर, इंदौर, रतलाम, श्योपुर, उज्जैन, धार, विदिशा, बड़वानी, आगर-मालवा, शाजापुर, मुरैना, छतरपुर, शिवपुरी, सीहोर, मंदसौर
कहां कितना रहा तापमान
बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में उतार-चढ़ाव देखा गया। प्रदेश में खजुराहो सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 9.2°C रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा राजगढ़ में 10.0°C और पचमढ़ी में 10.2°C दर्ज होने के कारण कड़ाके की ठंड का अनुभव हुआ।
प्रमुख शहरों में तापमान
|
शहर |
अधिकतम तापमान (°C) |
न्यूनतम तापमान (°C) |
|
भोपाल |
31.4 |
14.4 |
|
ग्वालियर |
23.6 |
13.5 |
|
इंदौर |
31.2 |
15.2 |
|
खजुराहो |
29.4 |
9.2 |
|
श्योपुर |
20.0 |
12.6 |
|
शिवपुरी |
24.0 |
12.0 |
|
धार |
32.6 |
15.2 |
अन्य जिलों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान में हल्का या सामान्य बदलाव दर्ज हुआ।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम
20 फरवरी: ग्वालियर, चंबल और सागर संभाग के जिलों में बारिश और बिजली गिरने की संभावना।
21 फरवरी: पूरे प्रदेश में मौसम साफ, कहीं भी बारिश का अलर्ट नहीं।
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि, पश्चिमी विक्षोभ और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के कारण अगले 48 घंटे में मौसम में उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं।
जनजीवन और कृषि पर असर
- तेज हवाओं और आंधी से सड़कों पर फिसलन और आवागमन प्रभावित।
- खेतों में खड़ी फसलें गिर गईं, किसानों की चिंता बढ़ी।
- शुजालपुर, धार और गंजबासौदा जैसे क्षेत्रों में फसल कटाई प्रभावित होने की आशंका।
- किसान प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराने और मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि, यदि बारिश जारी रहती है, तो खेतों में भीगी फसल समय पर सूख नहीं पाएगी, जिससे गुणवत्ता और उत्पादन दोनों पर असर पड़ सकता है।
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