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MP Budget 2026 :मोहन के बजट में तीन नई योजनाओं का ऐलान, इनसे है भगवान कृष्ण का कनेक्शन

मप्र के बजट में भगवान कृष्ण से जुड़ी तीन नई योजनाओं का ऐलान किया गया है। ये योजनाओं पोषण, पर्यावरण और निर्माण से जुड़ी हैं।
मोहन के बजट में तीन नई योजनाओं का ऐलान, इनसे है भगवान कृष्ण का कनेक्शन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मप्र सरकार का वार्षिक बजट 2026-27 बुधवार को पेश किया गया। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में बजट भाषण के दौरान तीन योजनाओं के बारे में बताया। बजट में वन भूमि से अतिक्रमण हटाने और निजी भूमि पर पौधरोपण की कृषि वानिकी के लिए समृद्धि वन- वन वृद्धि से जन समृद्धि योजना शुरू की जा रही है। इसके साथ ही अधोसंरचना विकास के लिए द्वारिका नगर योजना और आठवीं तक के छात्र-छात्राओं के पोषण को ध्यान में रखते हुए यशोदा योजना की शुरुआत की जा रही है।

    द्वारका नगर योजना

    यह योजना शहरों में अधोसंरचना विकास के लिए है। आने वाले तीन सालों में पांच हजार करोड़ का निवेश होगा। नगरीय क्षेत्रों में आवास के लिए 2,316 करोड़, नगरों की सड़क मरम्मत के लिए 349 करोड़ रुपए का प्रावधान। भगवान कृष्ण ने द्वारका को नए सिरे से बनाया था। इसलिए अधोसंरचना विकास से जुड़ी योजना को द्वारिका नगर योजना घोषित किया गया है।

    यशोदा दुग्ध प्रदाय योजना

    इस योजना के अंतर्गत कक्षा 8 तक के प्रत्येक विद्यार्थी को अतिरिक्त पोषण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से टेट्रा पैक में दुग्ध प्रदान किया जाएगा। वर्ष 2026-27 में योजना के तहत 80 लाख विद्यार्थियों को दुग्ध पैकेट वितरित किए जाने का लक्ष्य है। आगामी पांच सालों में योजना का आकार 6,600 करोड़ है जिसमें से बजट में 700 करोड़ का प्रावधान किया गया। माता यशोदा ने भगवान कृष्ण का लालन-पालन किया था। इसीलिए बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़ी योजना को माता यशोदा का नाम दिया गया है।

    समृद्धि वन- वन वृद्धि से जन समृद्धि

    वन भूमि से अतिक्रमण हटाकर पौधरोपण के लिए नई समृद्धि वन योजना, लकड़ी की जरूरत पूरी करने और आय बढ़ाने निजी भूमि पर पौधारोपण की कृषि वानिकी योजना प्रभावी होगी। योजना से काष्ठ की आवश्यकता की पूर्ति होगी और आय के साधन बढ़ाने के लिए निजी भूमि पर पौधरोपण होगा। भगवान कृष्ण बाल-गोपालों के साथ गाय चराने वन की ओर जाते थे। एक तरह से कृष्णलीला में इसमें वन और पर्यावरण संरक्षण का संदेश है। इसीलिए इस योजना को समृद्धि वन-वन वृद्धि से जन समृद्धि नाम दिया गया। 

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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