
द्रौपदी मुर्मू 27 अप्रैल से 2 मई तक हिमाचल प्रदेश के शिमला प्रवास पर रहेंगी। इस दौरान खास बात यह होगी कि राष्ट्रपति अपना पूरा कामकाज शिमला से ही संभालेंगी। यानी इन छह दिनों के लिए राष्ट्रपति सचिवालय भी दिल्ली से शिमला शिफ्ट हो जाएगा।
देश में राष्ट्रपति के आधिकारिक निवास दिल्ली, शिमला और हैदराबाद में स्थित है। ऐसे में शिमला प्रवास के दौरान राष्ट्रपति भवन की जरूरी फाइलें और प्रशासनिक कामकाज भी यहीं से संचालित होगा। हिमाचल सरकार ने दौरे को लेकर सभी तैयारियां लगभग पूरी कर ली हैं।
राष्ट्रपति का ठहराव शिमला से करीब 12 किलोमीटर दूर मशोबरा स्थित द रिट्रीट बिल्डिंग मशोबरा में होगा जिसे पहले ‘द रिट्रीट’ के नाम से जाना जाता था। यह भवन करीब 175 साल पुराना है और ‘धज्जी निर्माण’ शैली में बना है। इस निर्माण तकनीक की खासियत यह है कि इमारत भूकंपरोधी होती है, गर्मियों में ठंडी और सर्दियों में गर्म रहती है साथ ही लकड़ी और मिट्टी का संतुलित उपयोग किया जाता है।
राष्ट्रपति निवास परिसर में 300 से अधिक सेब के पौधे हैं, जिनमें विदेशी किस्में भी शामिल हैं। इसके अलावा यहां बना ट्यूलिप गार्डन भी खास आकर्षण का केंद्र है, जिसका शुभारंभ खुद राष्ट्रपति ने तीन साल पहले किया था। अप्रैल के मौसम में यहां रंग-बिरंगे ट्यूलिप खिलते हैं जो पूरे परिसर को बेहद खूबसूरत बना देते हैं।
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राष्ट्रपति निवास के आसपास घना हरियाली भरा इलाका है, जहां से 360 डिग्री का प्राकृतिक नजारा दिखाई देता है। भीतरी कक्षों की सजावट भी बेहद आकर्षक है और राष्ट्रपति के लिए विशेष कक्ष बनाए गए हैं।
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए मशोबरा स्थित यह निवास फिलहाल पर्यटकों के लिए बंद कर दिया गया है। यह 3 मई से दोबारा आम लोगों के लिए खोला जाएगा। गौरतलब है कि यह परिसर कुछ साल पहले ही आम जनता के लिए खोला गया था जहां अब टिकट लेकर सैलानी घूमने जा सकते हैं।
राष्ट्रपति का यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक प्रवास नहीं है, बल्कि यह दिखाता है कि देश का सर्वोच्च संवैधानिक पद भी समय-समय पर अलग-अलग स्थानों से कामकाज संचालित करता है। शिमला का यह ऐतिहासिक राष्ट्रपति निवास न सिर्फ प्रशासनिक गतिविधियों का केंद्र बनेगा, बल्कि एक बार फिर अपनी विरासत और खूबसूरती के कारण चर्चा में रहेगा।