🌤️
--Bhopal, India

PlayBreaking News

शहजाद पूनावाला ने क्यों छोड़ी BJP? बोले- घर का किराया देना मुश्किल था, अब नौकरी करूंगा

भाजपा के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा देने के बाद पहली बार अपने फैसले की वजहों पर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि लगातार पार्टी के काम में व्यस्त रहने के कारण कमाई का दूसरा जरिया नहीं बचा था और उनकी जमा-पूंजी भी खत्म हो गई थी।
Follow on Google News
शहजाद पूनावाला ने क्यों छोड़ी BJP? बोले- घर का किराया देना मुश्किल था, अब नौकरी करूंगा

भाजपा के चर्चित प्रवक्ताओं में शामिल रहे शहजाद पूनावाला ने पार्टी से इस्तीफा देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। पार्टी के लिए टीवी डिबेट और सोशल मीडिया पर मजबूती से पक्ष रखने वाले पूनावाला ने अपने इस्तीफे के पीछे की वजहों को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि पार्टी के लिए लगातार काम करने के कारण उनके पास कमाई का कोई दूसरा साधन नहीं बचा था। धीरे-धीरे उनकी बचत खत्म हो गई और घर चलाने में आर्थिक परेशानी आने लगी। ऐसे में उन्होंने राजनीति से कुछ समय दूर होकर दोबारा नौकरी करने का फैसला किया है। हालांकि, पूनावाला ने यह भी साफ किया कि उन्होंने भाजपा छोड़ी है, लेकिन पार्टी की विचारधारा नहीं छोड़ी। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया।

‘घर चलाना मुश्किल हो रहा था’

शहजाद पूनावाला ने अपनी आर्थिक स्थिति के बारे में बात करते हुए कहा कि वह एक सामान्य परिवार से आते हैं और घर की जिम्मेदारियां भी उनके ऊपर हैं। उन्होंने बताया कि राजनीति में सक्रिय रहने के दौरान उनका ज्यादातर समय पार्टी के काम में ही चला जाता था। 24 घंटे पार्टी के लिए उपलब्ध रहने के कारण उनके लिए कमाई का कोई दूसरा रास्ता निकालना मुश्किल हो गया था। पूनावाला के मुताबिक, उनके पास पहले की कुछ बचत थी, जिससे काफी समय तक खर्च चलता रहा। लेकिन जब वह बचत भी खत्म होने लगी तो आर्थिक परेशानियां बढ़ गईं। उन्होंने इसी संदर्भ में कहा कि मकान मालिक उन्हें भाजपा नेता होने के कारण मुफ्त में घर नहीं देता। उन्हें हर महीने घर का किराया देना होता है। ऐसे में नियमित कमाई के बिना परिवार का खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा था।

‘मुझे घर का किराया भी देना है’

पूनावाला ने अपनी स्थिति को बेहद सीधे शब्दों में बताया। उनका कहना है कि राजनीति के साथ-साथ रोजमर्रा की जिंदगी की जिम्मेदारियां भी निभानी होती हैं। उन्होंने कहा कि घर चलाने के लिए पैसे की जरूरत होती है और केवल राजनीतिक पद पर बने रहने से परिवार की आर्थिक जरूरतें पूरी नहीं हो सकतीं। इसलिए उन्होंने अपनी प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार किया। उनका कहना है कि नौकरी करना उनके लिए कोई नई बात नहीं है। राजनीति में आने से पहले वह कॉरपोरेट सेक्टर में काम कर चुके हैं। अब वह फिर से उसी क्षेत्र में लौटने की तैयारी कर रहे हैं।

मां की जिम्मेदारी भी निभानी है

पूनावाला ने इस्तीफे के पीछे सिर्फ आर्थिक वजह नहीं बताई। उन्होंने अपनी मां से जुड़ी पारिवारिक जिम्मेदारी का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कुछ समय पहले उनकी मां का एक्सीडेंट हुआ था। ऐसे समय में उनकी देखभाल और परिवार की जिम्मेदारियां निभाना भी जरूरी है। पूनावाला ने कहा कि वह अपने परिवार के लिए समय निकालना चाहते हैं। उनके अनुसार, एक बेटे के तौर पर मां की जिम्मेदारी निभाना भी उनका कर्तव्य है। इन्हीं पारिवारिक और व्यक्तिगत कारणों के चलते उन्होंने 30 जुलाई को अपना इस्तीफा दिया था। उन्होंने बताया कि पार्टी के साथ लंबी बातचीत के बाद उनका इस्तीफा स्वीकार किया गया।

भाजपा छोड़ी, विचारधारा नहीं

शहजाद पूनावाला ने अपने राजनीतिक फैसले को लेकर एक बात साफ तौर पर कही कि उनका भाजपा से अलग होना विचारधारा से अलग होना नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा को लेकर उनकी सोच पहले जैसी थी और आज भी वैसी ही है। उनका कहना है कि वह पार्टी की व्यवस्था और अपनी भूमिका से बाहर हुए हैं, लेकिन अपने राजनीतिक विचारों को नहीं छोड़ा है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी खुलकर तारीफ की। पूनावाला ने कहा कि उनके लिए नरेंद्र मोदी देश के बेहतरीन प्रधानमंत्रियों में से एक हैं और वह आगे भी उनके समर्थक बने रहेंगे।

अब कॉरपोरेट सेक्टर में लौटेंगे

भाजपा प्रवक्ता की जिम्मेदारी छोड़ने के बाद अब पूनावाला का अगला कदम क्या होगा? इस सवाल पर उन्होंने बताया कि वह दोबारा निजी क्षेत्र में नौकरी करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अभी यह तय नहीं हुआ है कि वह किस कंपनी में काम करेंगे। हालांकि, जिस क्षेत्र में पहले काम कर चुके हैं, उसी क्षेत्र में वापस जाने की संभावना है। पूनावाला का कहना है कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता एक स्थिर कमाई का जरिया बनाना है, ताकि घर की आर्थिक जरूरतों को आसानी से पूरा किया जा सके।

सोशल मीडिया पर अब ज्यादा खुलकर रखेंगे अपनी बात

राजनीतिक पद छोड़ने के बाद भी शहजाद पूनावाला पूरी तरह सार्वजनिक जीवन से दूर नहीं होंगे। उन्होंने संकेत दिया है कि वह सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी राय पहले से ज्यादा खुलकर रखेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी की जिम्मेदारी से बाहर आने के बाद अब उनके ऊपर कई तरह की बंदिशें नहीं रहेंगी। वह एक स्वतंत्र नागरिक और राजनीतिक विश्लेषक के तौर पर अपनी बात रख सकेंगे। इंस्टाग्राम जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी वह सक्रिय रहने की बात कह चुके हैं।

भाजपा को युवाओं के लिए दी सलाह

पूनावाला ने भाजपा को लेकर भी अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि आज के युवा जिस भाषा और तरीके से डिजिटल प्लेटफॉर्म पर संवाद करते हैं, राजनीतिक दलों को भी उसी तरीके को समझना होगा। उनके मुताबिक, युवाओं तक अपनी बात पहुंचाने के लिए पार्टी को उनकी भाषा, डिजिटल संस्कृति और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ज्यादा प्रभावी तरीके से अपनाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में केवल पारंपरिक तरीके से संवाद करना पर्याप्त नहीं है। बदलते दौर में डिजिटल माध्यमों की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

Garima Vishwakarma
By Garima Vishwakarma

गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

Latest Posts