'मोदी की तारीफ' पर कांग्रेस में बवाल!पवन खेड़ा के तंज का शशि थरूर ने दिया करारा जवाब, बोले- जो कहा ही नहीं, वो भी सुन लिया

जी-7 सम्मेलन में भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर पीएम मोदी के रुख की तारीफ करना शशि थरूर को भारी पड़ गया। कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने उन पर तंज कसा, जिसके बाद थरूर ने मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला देते हुए जवाब दिया। जानिए पूरा विवाद और भाजपा की प्रतिक्रिया।
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पवन खेड़ा के तंज का शशि थरूर ने दिया करारा जवाब, बोले- जो कहा ही नहीं, वो भी सुन लिया

नई दिल्ली। जी-7 शिखर सम्मेलन में भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाने को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करना कांग्रेस सांसद शशि थरूर के लिए राजनीतिक विवाद बन गया। उनकी टिप्पणी पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने तीखा तंज कसा, जिसके बाद थरूर ने भी सोशल मीडिया पर जवाब देते हुए अपनी बात साफ की। इस पूरे घटनाक्रम ने कांग्रेस के अंदर मतभेदों की चर्चा को एक बार फिर तेज कर दिया है।

क्या है पूरा मामला?

फ्रांस में आयोजित जी-7 सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात में भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा उठाया था। इसके बाद शशि थरूर ने कहा कि, प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक और निजी बातचीत दोनों में यह स्पष्ट संदेश दिया कि युद्ध के दौरान व्यापारिक जहाजों पर काम करने वाले नागरिक नाविक सैनिक नहीं होते, इसलिए उन्हें किसी भी सैन्य कार्रवाई का निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए। थरूर ने इसे भारत की मजबूत कूटनीतिक पहल बताया था।

पवन खेड़ा ने क्यों साधा निशाना?

शशि थरूर की इस टिप्पणी पर कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि थरूर प्रधानमंत्री मोदी की ऐसी बातें भी सुन लेते हैं, जो उन्होंने कभी कही ही नहीं। खेड़ा का दावा था कि, विदेश मंत्रालय की ओर से जारी आधिकारिक जानकारी में न तो भारतीय नाविकों की मौत का विस्तृत उल्लेख था और न ही ऐसी कोई टिप्पणी दर्ज थी, जिसका जिक्र थरूर कर रहे थे।

खेड़ा ने यह भी कहा कि जी-7 के दौरान मोदी और ट्रंप की मुलाकात के आधिकारिक रिकॉर्ड में ट्रंप के भारत-पाकिस्तान युद्धविराम वाले दावे या ईरानी युद्धपोत से जुड़े मुद्दों का भी जिक्र नहीं था। ऐसे में थरूर का बयान आधिकारिक रिकॉर्ड से मेल नहीं खाता।

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शशि थरूर ने कैसे दिया जवाब?

पवन खेड़ा के तंज के बाद शशि थरूर ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि, उन्होंने प्रधानमंत्री के नाम से कोई नई बात नहीं जोड़ी है। उन्होंने सिर्फ उन मीडिया रिपोर्ट्स का हवाला दिया है जो पहले से सार्वजनिक हैं। थरूर ने कहा कि, वह लगातार पढ़ते हैं और जो पढ़ते हैं उसे याद रखते हैं। अपने पूरे सार्वजनिक जीवन में उन पर कभी भी तथ्यों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप नहीं लगा है और वह अपनी बात पर कायम हैं।

नाविकों की सुरक्षा को राजनीति से जोड़ने पर जताई नाराजगी

थरूर ने यह भी कहा कि भारतीय नागरिक नाविकों की सुरक्षा जैसे गंभीर विषय को राजनीतिक विवाद का हिस्सा बनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार हाल की घटनाओं में भारतीय नागरिकों की जान गई है और उनकी चिंता केवल यह थी कि युद्ध के दौरान समुद्र में काम करने वाले नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे मुद्दे राजनीति नहीं, बल्कि राष्ट्रीय एकजुटता की मांग करते हैं।

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जी-7 में पीएम मोदी ने क्या कहा था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जी-7 सम्मेलन के दौरान होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया था। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार को जोड़ने वाले समुद्री मार्गों की सुरक्षा सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। ट्रंप के साथ बैठक में भी उन्होंने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और होर्मुज स्ट्रेट को खुला बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। साथ ही पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों का समर्थन भी किया।

होर्मुज स्ट्रेट में क्या हुआ था?

ईरान-इजरायल और अमेरिका से जुड़े तनाव के बीच होर्मुज स्ट्रेट और आसपास के समुद्री क्षेत्र में कई व्यापारिक जहाज हमलों की चपेट में आए। अलग-अलग घटनाओं में छह भारतीय नाविकों की मौत हुई, जबकि कई जहाजों को नुकसान पहुंचा। संयुक्त राष्ट्र और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक युद्ध के दौरान 14 देशों के 46 जहाजों पर हमले हुए थे। इसी वजह से समुद्री सुरक्षा वैश्विक चिंता का विषय बनी हुई है।

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बीजेपी ने भी कांग्रेस पर साधा निशाना

इस विवाद के बीच भाजपा ने भी कांग्रेस को घेरा। पार्टी के नेताओं ने कहा कि शशि थरूर का बयान प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीति और कूटनीति की सराहना करता है, जबकि कांग्रेस का आधिकारिक रुख अलग दिखाई देता है। भाजपा का दावा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति जैसे मुद्दों पर कांग्रेस के भीतर ही मतभेद सामने आ रहे हैं।

पहले भी दिख चुके हैं कांग्रेस-थरूर के मतभेद

यह पहला मौका नहीं है जब शशि थरूर अपनी ही पार्टी के रुख से अलग नजर आए हों। ऑपरेशन सिंदूर के बाद केंद्र सरकार ने विदेशों में भारत का पक्ष रखने के लिए जिस सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल का गठन किया था, उसमें थरूर को प्रमुख भूमिका दी गई थी। उस समय भी कांग्रेस और थरूर के बीच मतभेदों की चर्चाएं तेज हुई थीं। अब जी-7 सम्मेलन को लेकर शुरू हुआ नया विवाद इन चर्चाओं को फिर हवा दे रहा है।

Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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