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दिल्ली दंगा केस:आजादी के 10 दिन खत्म, अब सीधे जेल जाएंगे शरजील इमाम

10 दिन की अंतरिम जमानत के बाद छात्र कार्यकर्ता शरजील इमाम आज तिहाड़ जेल में सरेंडर करने जा रहे हैं। दिल्ली दंगों से जुड़े कथित साजिश मामले में आरोपी इमाम को कोर्ट ने परिवारिक कारणोंके आधार पर सीमित राहत दी थी, जो अब खत्म हो चुकी है।
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आजादी के 10 दिन खत्म, अब सीधे जेल जाएंगे शरजील इमाम
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    दिल्ली दंगों से जुड़े कथित साजिश मामले में आरोपी शरजील इमाम आज (सोमवार) तिहाड़ जेल प्रशासन के सामने सरेंडर करने जा रहा हैं। उन्हें दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 20 मार्च से 30 मार्च तक 10 दिनों की अंतरिम जमानत दी थी। अब यह अवधि पूरी हो चुकी है, और उन्हें फिर से जेल लौटना होगा।

    यह मामला साल 2020 के उन दंगों से जुड़ा है, जिसने देश की राजधानी को हिला कर रख दिया था। शरजील इमाम इस केस में मुख्य आरोपियों में शामिल हैं।

    किन शर्तों पर मिली थी जमानत?

    कोर्ट ने शरजील इमाम को सख्त शर्तों के साथ अंतरिम राहत दी थी। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बजाज ने उन्हें 50,000 रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के दो जमानतदारों पर जमानत दी थी।

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    इसके साथ ही कई स्पष्ट निर्देश भी दिए गए थे:

    • मीडिया और सोशल मीडिया से पूरी दूरी बनाए रखना
    • सिर्फ परिवार, रिश्तेदारों और करीबी दोस्तों से ही मिलना
    • केस से जुड़े किसी भी गवाह या व्यक्ति से संपर्क न करना
    • मोबाइल फोन हमेशा चालू रखना और जांच अधिकारी को नंबर देना
    • केवल घर या शादी से जुड़े कार्यक्रमों तक ही सीमित रहना

    इन शर्तों का मकसद यह सुनिश्चित करना था कि जमानत के दौरान जांच या मामले की प्रक्रिया पर कोई असर न पड़े।

    परिवारिक मजबूरी बनी जमानत की वजह

    शरजील इमाम ने अदालत से अंतरिम जमानत मांगते समय अपने छोटे भाई की शादी और बीमार मां की देखभाल का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था कि वह परिवार के एकमात्र जिम्मेदार सदस्य हैं, इसलिए उनका बाहर होना जरूरी है।

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    हालांकि, अभियोजन पक्ष ने इस दलील का विरोध किया था। उनका कहना था कि शादी की सभी तैयारियां पहले से हो चुकी थीं और ऐसी कोई आपात स्थिति नहीं थी, जिसके लिए जमानत दी जाए। फिर भी, कोर्ट ने मानवीय आधार पर उन्हें सीमित समय के लिए राहत दे दी।

    क्या है पूरा दिल्ली दंगा मामला?

    फरवरी 2020 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली में हिंसा भड़क उठी थी। इस दौरान कई लोगों की जान गई और भारी नुकसान हुआ। दिल्ली पुलिस के अनुसार, यह हिंसा अचानक नहीं हुई थी, बल्कि इसके पीछे एक सुनियोजित साजिश थी।

    जांच एजेंसियों का दावा है कि इस साजिश में सड़कों को जाम करना, बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन आयोजित करना और अंतरराष्ट्रीय ध्यान खींचने की कोशिश शामिल थी। खास तौर पर यह सब उस समय हुआ, जब अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत दौरे पर थे। इसी केस में शरजील इमाम समेत कई लोगों को आरोपी बनाया गया है।

    सुप्रीम कोर्ट से भी नहीं मिली राहत

    इस साल की शुरुआत में शरजील इमाम और सह-आरोपी उमर खालिद ने सुप्रीम कोर्ट में जमानत के लिए अपील की थी। लेकिन कोर्ट ने उनकी याचिका खारिज कर दी।

    सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जांच एजेंसियों के पास जो सबूत हैं, वे पहली नजर में आरोपों को सही ठहराने के लिए पर्याप्त हैं। इसी वजह से गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 43D(5) के तहत जमानत देना संभव नहीं है।

    अब आगे क्या?

    अब शरजील इमाम को तय समय पर सरेंडर करना होगा और वे फिर से न्यायिक हिरासत में चले जाएंगे। आगे की सुनवाई में यह देखा जाएगा कि केस किस दिशा में बढ़ता है और क्या उन्हें भविष्य में स्थायी जमानत मिल पाती है या नहीं।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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